किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुराचार में युवक को अदालत ने सात साल की जेल और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसका फैसला साढ़े पांच साल बाद हुआ।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 12 नवंबर 2011 की रात उसकी 16 वर्षीय पुत्री को पनगरा गांव निवासी बलराम उर्फ बल्ला पुत्र कल्लू बहला-फुसलाकर कहीं ले गया।
पुत्री अपने साथ जेवर और 18 हजार रुपये भी ले गई। पुत्री के साथ आरोपी ने लगातार दुराचार किया। विरोध करने पर मारता-पीटता था। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर सिंह पटेल व सहायक शासकीय अधिवक्ता नसीम उल्ला खां ने छह गवाह पेश किए।
प्रथम त्वरित न्यायालय/अपर जिला जज अनिल कुमार पंचम ने गुरुवार को अपने आदेश में अभियुक्त बलराम को धारा 376 में सात साल की जेल व 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। इसे अदा न करने पर पांच माह की अतिरिक्त जेल होगी। धारा 363 में तीन वर्ष की जेल व 2000 रुपये जुर्माना, धारा 366 में पांच वर्ष की जेल व 3000 रुपये जुर्माना की भी सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि भी इसमें समायोजित करने के आदेश दिए है।
आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
बांदा। पहले दुराचार और फिर युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। आरोपी करीब ढाई माह से जेल में है।
पैलानी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने बिसंडा थाने में 12 जनवरी 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पड़ोहरा गांव का राजेश उर्फ बच्चू सिंह पुत्र रामराज सिंह ने उसकी नाबालिग पुत्री के साथ वर्ष 2014 में दुराचार किया। सुलह करने के लिए लगातार पुत्री व परिवार को धमकाता व दबाव बनाता रहा। पुत्री की शादी के लिए रिश्ता तय होने पर आरोपी लड़के पक्ष को बरगला कर संबंध तुड़वा देता था।
इसी ब्लैकमेलिंग से क्षुब्ध होकर पुत्री ने 2 नवंबर 2017 को अपने ननिहाल बिसंडा थाना क्षेत्र के शिव गांव में आग लगाकर जान दे दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर राजेश को जेल भेज दिया। तभी से वह जेल में है। बृहस्पतिवार को जनपद न्यायाधीश चंद्रभान तृतीय ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मूलचंद्र कुशवाहा की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।