फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रॉपर्टी डीलर ने खुद को गोली से उड़ाया

Wed, 06 Mar 2019 11:58 PM IST
ASIF ASIF अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
विज्ञापन
आत्महत्या करने वाले युवक के पिता और परिजन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

शहर में 48 घंटे के अंतराल में हुई दूसरी घटना में एक और युवक ने खुद को तमंचे से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। गोली सिर पर लगने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। आत्महत्या में इस्तेमाल तमंचा पुलिस ने बरामद कर लिया है। परिजनों के मुताबिक कुछ साल पहले पत्नी से तलाक हो जाने के बाद वह तनाव में रहता था और नशे का आदी हो गया था। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करता था। 

विज्ञापन


कोतवाली नगर के बलखंडीनाका चौकी क्षेत्र में अर्दली बाजार (कटरा) निवासी अतीक (25) पुत्र मोहम्मद रफीक ने मंगलवार की रात घर के कमरे में अपने सिर पर तमंचे से गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिजन उसके कमरे में पहुंचे और खून से लथपथ अतीक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा फोर्स के साथ पहुंचे और खून से सना तमंचा कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

भाई नसीब खां (भइयन) ने बताया कि अतीक लखनऊ में रहकर प्लाटिंग का काम करता था। पिछले माह 15 फरवरी से यहीं था। उसकी शादी छह साल पहले हुई थी। तीन साल पूर्व पत्नी से तलाक हो गया। भाई ने यह भी बताया कि तलाकशुदा पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी। इसी के बाद से अतीक नशे का भी आदी हो गया था। मंगलवार की रात को भी वह नशे में था। भाई नसीब ने कोतवाली में दी तहरीर में भी यही बात कही है। गौरतलब है कि 48 घंटे पूर्व सोमवार को इसी मोहल्ले के तकिया (कटरा) में बेकरी व्यवसायी जैकी (25) ने भी तमंचा से सिर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन



मृतकों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट
बलखंडी नाका चौकी प्रभारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक अतीक पुत्र रफीक के विरुद्ध 3/25 आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसी तरह दो दिन पूर्व आत्महत्या करने वाले जैकी पुत्र चुन्नूलाल सिंधी के विरुद्ध भी आर्म्स एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों रिपोर्टें पुलिस ने खुद दर्ज की हैं। 

मानसिक तनाव से बढ़ रहीं आत्महत्याएं
बांदा। युवाओं में बढ़ी आत्महत्या की प्रवृत्ति पर यहां जिला अस्पताल में चल रहे मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में कार्यरत मानसिक रोग चिकित्सक डॉ. हरदयाल और साइकोथेरेपिस्ट पल्लवी सक्सेना ने बताया कि इसके पीछे खास मानसिक तनाव है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देकर बताया कि हर 40 सेकंड में देश में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। इसके पीछे ज्यादातर पारिवारिक, व्यवसायिक, रिश्तों में खोखलापन, सामाजिक अलगाव आदि है। आत्महत्या के लिए किसी एक कारण को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पल्लवी सक्सेना ने युवाओं से कहा कि कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं हो सकती कि उसके बदले जीवन देकर मूल्य चुकाना पड़े। यह एक मानसिक बीमारी है। किसी भी तनाव या डिप्रेशन से गुजर रहे लोगों को जिला अस्पताल स्थित मनोरोग चिकित्सा विभाग में आने की अपील की। यह केंद्र प्रत्येक सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को काउंसिलिंग करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें