दंपति को समझाते गिरवां थानाध्यक्ष दुर्गविजय सिंह।
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाने की मांग पूरी न होने पर 15 जनवरी को अयोध्या में आत्मदाह करने पर आमादा दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनका शांतिभंग में चालान किया गया। जमानत कराने से मना करने पर दंपति को जेल भेज दिया गया।
गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव निवासी समाजसेवी हीरालाल त्रिपाठी और उनकी पत्नी रामकिशोरी ने 25 नवंबर को अयोध्या में आयोजित धर्म सभा में घोषणा की थी कि कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण नहीं कराया गया तो 15 जनवरी को आत्मदाह कर लेंगे। सोमवार की सुबह उन्हें अयोध्या कूच करना था। बड़ोखर बुजुर्ग प्रतिनिधि के मुताबिक इसके पहले ही गिरवां थाना पुलिस उनके आवास पहुंची और पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों को नरैनी में एसडीएम की कोर्ट में पेश किया। नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक एसडीएम ने एक लाख रुपये की जमानत मंजूर कर ली, लेकिन अपनी मांग पर अड़े दंपति ने जमानत देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि कोई अपराध नहीं किया है, इसलिए जमानत नहीं देंगे। गिरवां थानाध्यक्ष दुर्गविजय सिंह दोनों को दोपहर बाद जेल में दाखिल कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों के विरुद्ध धारा 151, 107, 116 का केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि दंपति अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के चित्रकूटधाम संगठन मंत्री रामभइया त्रिपाठी के माता-पिता हैं।