रामपुर में पुलिस लाइन में परेड कमांडर भीष्म सिंह को सम्मानित करते डीआईजी।
बांदा। बैंक कैशियर से दिनदहाड़े 10 लाख रुपये लूट का खुलासा पुलिस नहीं कर पाई। हालांकि लूट के तुरंत बाद घटनास्थल पर ही पुलिस के आला अधिकारी उसी दिन शाम तक खुलासा होने के दावे कर रहे थे। फिलहाल आधा दर्जन लोगों को पुलिस ने गिरफ्त में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इनमें कैशियर के साथ रुपयों भरा बैग लेकर बैठा बैंक का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी है। पुलिस की आठ टीमें लुटेरों के सुराग में लगी हैं।
इलाहाबाद बैंक के कैशियर रावेंद्र कुमार शुक्ला से शनिवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे बांदा-नरैनी रोड पर केसीएनआईटी के पास एक ही बाइक पर सवार तीन युवकों ने कैशियर के साथ 10 लाख रुपये का बैग लेकर बैठे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेश कुमार से बैग छीन लिया था और भाग गए। इस सनसनीखेज और बड़ी लूट से पुलिस की जबरदस्त किरकिरी हो रही है। पुलिस अपनी शाख बचाने के लिए घटना के बाद से ही हाथ-पांव मार रही है। लूट के बाद घटना स्थल पर पहुंचे डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी और एसपी राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा था कि आज ही शाम तक लुटेरे पकड़ लिए जाएंगे। पर फिलहाल ऐसा कुछ नहीं हुआ। अलबत्ता पुलिस ने सुरागरसी के आधार पर छह लोगों को हिरासत मेें लिया है। रविवार को सुबह से अलीगंज पुलिस चौकी में कोतवाली प्रभारी समेत पुलिस धरपकड़ कर लाए गए लोगों से पूछताछ करती रही। नगर क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि प्रत्येक चौकी प्रभारी के नेतृत्व में एक-एक टीम (कुल आठ टीमें) लगाई गई हैं। कुछ टीमें पड़ोसी जनपद फतेहपुर, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के अजयगढ़ भी भेजी गई हैं। सर्विलांस में बैंक कर्मियों समेत अन्य संदिग्ध लोगों के मोबाइल फोन की काल्स का डिटेल खंगाला जा रहा है।