पीटकर घायल कर देने के जुर्म में अदालत ने आरोपी को तीन माह की जेल और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। एक अन्य आरोपी की मुकदमा दौरान मौत हो चुकी।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के मझीवां गांव निवासी रामप्रसाद पुत्र भिखारी ने कोतवाली में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 सितंबर 2011 को उसका भाई शिवप्रसाद घर के दरवाजे पर बैठा था। गांव का ही नीतू व ं्याबञपुत्रगण भूषन आए और अभद्रता करने लगे। विरोध पर दोनों ने लाठियों से हमलाकर घायल कर दिया। पुलिस ने विवेचना करके चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी। मुकदमा दौरान ही एक आरोपी श्याम की मृत्यु हो चुकी।
षष्ठम न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद सोमवार को फैसला सुनाया। अभियुक्त नीतू को धारा 323, 506 में 3-3 माह की जेल व 1500 रुपये जुर्माना और 504 में एक माह की जेल व 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ चलेंगी। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 4 गवाह पेश किए।
दुष्कर्म का आरोपी बरी
बांदा। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म किए जाने के मामले में अदालत ने दोष सिद्ध न होने पर आरोपी को बरी कर दिया। कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 6 जून 2014 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री को सढ़ा गांव निवासी श्याम किशोर उर्फ रज्जू साहू पुत्र भगत मुंह दबाकर ले गया था। दिल्ली ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 9 जून 2014 को वापस बांदा लाया और बुलाकी गांव में छोड़कर भाग गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद सोमवार को आरोपी श्याम किशोर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। पैरवी अधिवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी ने की।