किसान का पंचनामा भ्ारती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। कर्ज और तंगहाली से जूझ रहे किसान ने हाईवे किनारे पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बेटे ने बताया कि बैंक का एक लाख रुपये कर्ज अदायगी का बोझ था। कई साल से फसल न होने से परिवार मजदूरी कर रहा है।
सदर तहसील क्षेत्र के गोखरही गांव का लालाराम यादव (42) पुत्र फतेह बहादुर तीन महीने से जरैली कोठी में परिवार के साथ रहता था। सोमवार को सुबह पत्नी रानी मजदूरी करने चली गई। लालाराम बेटे यशवंत से टहलने की बात कहकर घर से निकल गया। कुछ देर बाद उसका शव कनवारा फोरलेन बाईपास चौराहा से कुछ दूर पेड़ पर रस्सी से टंगा मिला।
चरवाहों ने उसकी शिनाख्त कर घरवालों और पुलिस को सूचना दी। कृषि विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी संजय सिंह ने परिजनों से शव उतराया और मृतक के पुत्र से सील कराया, जबकि यह काम पुलिस कर्मियों का है। कांस्टेबल दूर खड़े होकर निर्देश देते रहे।
उधर, पुत्र यशवंत ने बताया कि बाबा फतेह बहादुर की 16 बीघा जमीन की खेती उसके पिता लालाराम ही संभाले थे। दैवी आपदा के चलते कई साल से फसल नहीं हुई। उधर, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का एक लाख रुपये कर्ज हो गया। माली हालत खराब होने से परिवार मजदूरी करने लगा। उधर, इस संबंध में एसडीएम सदर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।