शहर के चर्चित पंजाब आर्मरी डकैती कांड में लूटे गए लगभग 50 असलहे वापस पाने के लिए लाइसेंस धारकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अदालती कार्रवाइयों के चलते असलहों की वापसी जल्द मुमकिन नजर नहीं आ रही है। उधर, बुधवार (20 फरवरी) को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित) की अदालत में पंजाब आर्मरी संचालक की गवाही नहीं हो सकी। वे उपस्थित नहीं हुए। अब 5 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है।
14 दिसंबर 2017 की रात शहर के व्यस्त इलाके स्टेशन रोड पर स्थित पंजाब आर्मरी (सरदार बंदूक की दुकान) में महाराष्ट्र के बदमाशों ने डकैती डालकर 44 असलहे और 4180 कारतूस लूट लिए थे। इन्हें बोलेरो में भरकर रातोरात महाराष्ट्र भाग निकले थे, लेकिन तड़के नासिक की पुलिस ने उन्हें पकड़कर सभी असलहे और कारतूस बरामद कर लिए थे। ये असलहे महाराष्ट्र पुलिस के पास हैं, जबकि सभी 11 अभियुक्त महाराष्ट्र से बांदा जेल लाए जा चुके हैं। डकैती की रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज हुई थी। लूटे गए ज्यादातर असलहे शस्त्र लाइसेंस धारकों के थे। उन्होंने अपने असलहे सेफ कस्टडी, मरम्मत या विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब आर्मरी में जमा किए थे। सभी शस्त्रधारक शस्त्र वापस पाने के लिए परेशान और बेताब हैं।
इस डकैती का केस बांदा में विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) में चल रहा है। आरोपियों के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। बुधवार को दुकान संचालक सरदार हरमिंदर सिंह की गवाही होनी थी। वही इस मुकदमे के वादी हैं, लेकिन वे अदालत में नहीं उपस्थित हु़ए। हालांकि उन्हें साक्षी सम्मन पहले ही भेजा जा चुका है। उधर, जेल से सभी आरोपी अदालत आए थे, लेकिन वादी के न आने से गवाही नहीं हो सकी। विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार ने अब अगली तारीख 5 मार्च निर्धारित की है।
बगैर असलहे आए कैसे होगी गवाही
लाइसेंस धारकों को उनके शस्त्र वापस मिलने में अभी एक और कानूनी पेच फंस रहा है। कहा जा रहा है कि जब तक सभी असलहे महाराष्ट्र से बांदा की अदालत में पेश नहीं किए जाएंगे, तब तक वादी आदि की गवाही मुश्किल है। गवाह असलहे देखकर ही बताएंगे कि ये वही असलहे हैं जो लूटे गए थे। बताया जा रहा है कि अदालत के आदेश पर ही असलहे यहां लाए जाएंगे।
लाइसेंस धारक जिनके असलहे लूटे गए
1. रामप्रताप शर्मा (इलाहाबाद) पिस्टल 25 बोर। 2. छत्रपाल सिंह (आवास विकास, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर। 3. दिनेश सिंह (कबरई, महोबा) रिवाल्वर 32 बोर। 4. महेंद्र सिंह गौतम (कालूकुआं, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर। 5. रामकिशोर मिश्रा (मसुरी, बांदा) राइफल 315 बोर। 6. सत्यनारायण गौतम (सतना) राइफल 306 बोर, 7. शाहिद अली (अलीगंज, बांदा) पिस्टल 32 बोर। 8. दयाशंकर त्रिपाठी (पहाड़ी, चित्रकूट) रिवाल्वर 32 बोर। 9. चंदशेखर द्विवेदी (जारी, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर, 10. विष्णुप्रकाश यादव (अतर्रा) रिवाल्वर 36 बोर। 11. इब्राहीम (महोबा) रिवाल्वर 32 बोर। 12. फारूद अली (अलीगंज, बादा) रिवाल्वर 32 बोर, 13. दयाशंकर गुप्ता (अतर्रा) रिवाल्वर 32 बोर। 14. योगेश चंद्र कुशवाहा (परशुराम तालाब, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर। 15. हरिश्चंद्र अवस्थी (अलीगंज, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर। 16. रामपाल गुप्ता (अलीगंज, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर। 17. हसीब अली (अलीगंज, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर 18. अनिल कुमार पालीवाल (स्टेशन रोड, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर। 19. शाहिद अली (निजामी टेंट, बांदा) रिवाल्वर 32 बोर। 20. शशिभूषण द्विवेदी (नुनिया मोहाल, बांदा) राइफल 275 बोर। 21. शक्तिनारायण सिंह (गायत्री नगर, बांदा) राइफल 315 बोर। 22. फारून अली (अलीगंज, बांदा) राइफल 315 बोर। 23. यासीन खां (गुसियारी, हमीरपुर) राइफल 315 बोर। 24. इसरार खां (मर्दननाका, बांदा) एकनली 12 बोर। 25. वीरेंद्र सिंह (अलिहा, बांदा) दोनली 12 बोर। 26. अरुण कुमार निगम ( अलीगंज, बांदा) दोनली 12 बोर। 27. धरम सिंह (तिंदवारा, बांदा) दोनाली 12 बोर। इनके अलावा दुकान के स्टॉक की एक रिवाल्वर, 5 राइफल, 5 एकनली बंदूक और 5 दोनाली बंदूकें भी शामिल हैं।