मदरसा हथौरा के मुख्य गेट पर आगंतुकों की इंट्री करता कर्मचारी।
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मदरसा जामिया अरबिया, हथौरा में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों से नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली स्थित मुख्यालय में फिर पूछताछ की। इससे पहले 28 मार्च को दिल्ली में ही इन छात्रों से पूछताछ की जा चुकी है। मदरसा संचालकों और कुछ शिक्षकों से पहले ही एनआईए पूछताछ कर चुकी है।
जामिया अरबिया हथौरा के पूर्व कश्मीरी छात्र तौसीफ अहमद के विरुद्ध जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के पुलवामा पुलिस स्टेशन में एनआईए ने आतंकी गतिविधियों से जुड़ीं धाराएं 120बी, 121, 121ए आईपीसी और धारा 17, 18, 19, 20, 38, 39 व 40 यूए (पी) एक्ट 1967 के तहत वर्ष 2017 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तौसीफ को तीन महीने पहले कश्मीर में गिरफ्तार किया जा चुका है। इस समय जेल में है। उसके मदरसे में पढ़ने के दौरान शेख अब्दुल नईम नामक कश्मीरी युवक मिलने आया था। नईम पर आतंकवादी घटनाओं से जुडे़ कई केस वहां दर्ज हैं। वह एनआईए व पुलिस के हाथ नहीं लगा है। उसी की तलाश और उसके फैले नेटवर्क की छानबीन के लिए एनआईए यहां हथौरा मदरसा तक छानबीन में जुटी है। यहां पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों से नईम के बारे में भी पूछा जा रहा है।
एनआईए ने 19 मार्च को मदरसा संचालकों को दिल्ली स्थित मुख्यालय बुलाकर रिकार्ड आदि देखे थे और पूछताछ की थी। इसके बाद एनआईए ने यहां पढ़ रहे सातों कश्मीरी छात्रों से 28 मार्च को दिल्ली बुलाकर पूछताछ की थी। बुधवार को एनआईए के बुलावे पर ये छात्र फिर दिल्ली पहुंचे। बृहस्पतिवार को इनसे पूछताछ हुई।
इस बाबत मदरसा संचालक मौलाना मुफ्ती नजीब अहमद ने बताया कि एनआईए को जांच में पूरा सहयोग दिया गया है। एनआईए बहुत जिम्मेदारी से अपना काम कर रही है। मदरसे के सारे काम पारदर्शी हैं। कश्मीरी छात्रों से क्या पूछताछ हो रही है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बांदा शहर से 16 किमी लोमीटर दूर हथौरा गांव स्थित जामिया अरबिया मदरसा 1933 से चल रहा है। इसकी स्थापना मशहूर बुजुर्ग मौलाना कारी सैय्यद सिद्दीक अहमद ने की थी। अब उनके बेटे कमान संभाले हैं।