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दो दिन बांदा के मदरसे में रुका था नईम

Sat, 10 Mar 2018 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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MADARSA
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संदिग्ध आतंकी शेख अब्दुल नईम का बांदा कनेक्शन तलाश रही एनआईए को जानकारी हुई है कि वह दो दिन बांदा स्थित मदरसे में रुका था। उसके रुकने का इंतजाम कश्मीरी युवक तौसीफ ने किया था। तौसीफ का पूरा ब्योरा खंगालने के लिए एनआईए (नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी) की टीम पिछले तीन दिनों से बांदा में थी। सूत्रों का दावा है कि वह नईम बांदा में अपने गिरोह के संचालन के लिए ठिकाना तलाश रहा था।

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दरअसल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के निवासी तौसीफ अहमद मलिक पुत्र अब्दुल रशीद मलिक के बारे में जानकारी जुटाने के लिए एनआईए की टीम इस्लामी शिक्षा के मशहूर मदरसे जामिया अरबिया, हथौरा में थी। तौसीफ इसी मदरसे का छात्र रहा है। हालांकि, तौसीफ को लेकर यहां के न तो छात्र कोई जानकारी दे पा रहे हैं और न ही यहां के टीचर। सभी इस मामले में चुप्पी साधे हैं।

तौसीफ अहमद के विरुद्ध एनआईए में केस नंबर आरसी-20/217 धारा 120 बी, 121, 121 ए आईपीसी और 17, 18, 19, 20, 38, 39 व 40 यूए (पी) एक्ट 1967 के तहत केस दर्ज हैं। अब तक एनआईए की दो सदस्यीय टीम ने हथौरा मदरसे के मौजूदा 7 छात्रों से तौसीफ के बारे में पूछताछ की। हालांकि, कश्मीरी छात्र उसके बारे में बहुत कुछ नहीं बता पाए। एनआईए की टीम ने मदरसे के दाखिले रजिस्टर, प्रवेश आवेदन, मदरसे की मेस आदि के अभिलेखों की छानबीन को और कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गए।
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साथ ही मदरसा संचालक मंडल के सदस्यों और शिक्षकों समेत पांच लोगों और कुछ कश्मीरी छात्रों को 20 मार्च को दिल्ली में एनआईए दफ्तर बुलाया गया है। इन सभी को जारी नोटिस में एनआईए के डिप्टी एसपी रण सिंह मंगवा ने बताया कि तौसीफ अहमद से संबंधित दर्ज मामले की जांच एनआईए के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह द्वारा की जा रही है।

दिल्ली में मदरसा संचालकों और छात्रों से वहीं कुछ जानकारियां लेंगे। उधर, मदरसा संचालक मंडल के मौलाना मुफ्ती नजीब अहमद ने कहा कि न सिर्फ बल्कि उन्हें मदरसे के सभी ढाई हजार तलबा (छात्रों) और संचालक मंडल सहित मदरसा के हमदर्दों को पूरा भरोसा है कि जांच के बाद मदरसे की साख पूर्व की तरह बरकरार रहेगी। इसके पहले भी मदरसे और छात्रों के बारे में जांच एजेंसियां छानबीन कर चुकी हैं। कभी कुछ गलत नहीं मिला। सभी लोग दिल्ली जाकर एनआईए को जांच में सहयोग देंगे।

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