दहेज के लिए पुत्रवधु को जलाकर मार डालने के जुर्म में सास-ससुर और पति को अदालत ने 10-10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। अभियुक्तों पर जुर्माना भी किया गया है।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी कृपाली यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी रिंकू देवी की शादी 8 जुलाई 2008 को मरका थाना क्षेत्र के कलाना गांव में राजकुमार यादव पुत्र रामसजीवन के साथ की थी। दहेज के लिए 20 अप्रैल 2011 को ससुराल में रिंकू को जला दिया गया। जिला अस्पताल में मौत हो गई।
एसपी के आदेश पर मरका थाने में पति, सास और ससुर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी नवीन दुबे ने छह गवाह पेश किए। शनिवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) राम कुमार ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए पति राजकुमार, सास चमेली देवी और ससुर राम सजीवन को धारा 304 में 10-10 वर्ष की सश्रम कैद, धारा 498 ए में 3-3 वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना किया।
जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की कैद और होगी। दहेज अधिनियम में दो-दो वर्ष की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की कैद और भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।