युवक की हत्या के मामले में जिला न्यायाधीश ने तीन अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोषियों में मां और दो पुत्र हैं। न्यायाधीश ने 45 हजार रुपये जुर्माना का भी आदेश दिया।
गोपाल नगर, बदौसा निवासी जगत नारायण पांडेय पुत्र शिवमंगल प्रसाद ने 15 जून 2013 को बदौसा थाना में तहरीर दी थी कि उसका पुत्र अनूप पांडेय 13 जून को शाम 4 बजे 29,500 रुपये लेकर टवेरा कार बनवाने गया था। रात को वापस नहीं लौटा। दूसरे दिन उसकी तलाश की। तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी को पुत्र के गायब होने की सूचना दी। बदौसा थानाध्यक्ष ने बताया कि जंगल में युवक का शव पड़ा मिला है।
शिनाख्त में शव पुत्र अनूप का निकला। उसके गले में पड़ी सोने की चेन भी गायब थी। पुलिस ने अज्ञात में धारा 302 व 201 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के पुलिस ने अतर्रा रोड स्थित संजय नगर निवासी माया देवी पत्नी मोहनलाल उर्फ शिवमोहन गुप्ता और उसके पुत्र ज्ञानेंद्र उर्फ ज्ञानू और भूपेंद्र उर्फ भानू उर्फ भवनेश को अभियुक्त बनाया। मृतक अनूप का मतदाता पहचान पत्र व अन्य कागजात आरोपियों के घर के पीछे से बरामद हुए। विवेचक ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज यादव ने 8 गवाह पेश किए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने पत्रावलियों का अवलोकन और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माया देवी और उसके पुत्र ज्ञानेंद्र व भूपेंद्र को धारा 302/34 में उम्र कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना और धारा 201/34 में 7 वर्ष की जेल व 5-5 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। तीनों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।