बांदा। कुल्हाड़ी से एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार देने के जुर्म में पिता और उसके दो बेटों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के मियांबरौली गांव में रामबाबू यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 मई 2012 को शाम करीब पांच बजे उसके 45 वर्षीय पिता राजबहादुर गांव के बाहर लगे एक हैंडपंप से शौच के लिए पानी निकाल रहे थे।
इसी दौरान इसी गांव के दो सगे भाइयों बालेश्वर और राकेश तथा उनके पिता गंगादीन यादव ने उन्हें घेरकर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव के लोग दौड़े तो हमलावर पिता-पुत्र भाग गए। घायल राजबहादुर को बबेरू सीएचसी लाया गया, वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने अभियुक्त बालेश्वर को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर कुल्हाड़ी बरामद कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर में 10 घाव और चोटें पाई गईं। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी फेरन सिंह पाल ने सात गवाह पेश किए। शनिवार को शनिवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) हरीनाथ पांडेय ने इस मुकदमे का फैसला सुनाया। 25 पृष्ठीय आदेश में पिता-पुत्रों समेत तीनों आरोपियों को धारा 302 में उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की कैद और होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियुक्त पिता गंगादीन जमानत पर था। उसे भी हिरासत में ले लिया गया। आरोपी दोनों पुत्र जेल में हैं।