नरैनी। मुकेरा गांव में सरकारी दुकान से राशन लुटने
के मामले में डीएम द्वारा एसडीएम को हटाने के बाद पूर्ति विभाग ने महिला
कोटेदार के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें स्टाक में कमी का आरोप
लगाया गया है। अब पुलिस मामले की जांच करेगी।
बुधवार की शाम मुकेरा
गांव में महिला कोटेदार झुर्री देवी की दुकान पर ग्रामीणों ने धावा बोलकर
गेहूं, चावल आदि लूट लिया था। ग्रामीणों का गुस्सा फूटने के पीछे कोटेदार
द्वारा कई माह से राशन न देने, कालाबाजारी और घटतौली करना था।
घटना
के पीछे स्थानीय प्रशासन और आपूर्ति विभाग की खुली लापरवाही सामने आई।
नतीजतन एसडीएम और पूर्ति निरीक्षक इस मामले को दबाने और लीपापोती करने में
जुट गए, लेकिन डीएम सुरेश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया।
शनिवार की शाम डीएम ने नरैनी एसडीएम पुष्पराज सिंह को वहां से हटा दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।
एसडीएम
के हटाए जाने के बाद ही इस घटना में शुरू से ही आरोपों के घेरे में चल रहे
पूर्ति निरीक्षक मोहम्मद याकूब ने नरैनी कोतवाली में कोटेदार झुर्री देवी
के विरुद्ध अवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट
मेें कहा गया है कि चेकिंग के दौरान कोटे में 15 से 20 लीटर मिट्टी का तेल
और 49 क्विंटल (98 बोरी) गेहूं कम पाया गया। इसके अलावा चावल का स्टाक नौ
क्विंटल ज्यादा मिला। अब तक आंखें मूंदे रहे प्रशासन और आपूर्ति विभाग इस
बड़ी घटना के बाद यह बता रहा है कि राशन की दुकान निर्धारित जगह पर संचालित
नहीं की जा रही थी।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब एसडीएम और पूर्ति
निरीक्षक की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। अब पुलिस जांच करेगी। कोतवाली
प्रभारी केएन सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक प्रमोद सिंह इसकी विवेचना
करेंगे।