बांदा। स्कूल जा रही छात्रा को अगवा कर तीन दिनों तक दुराचार में आरोपी को सात वर्ष की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा अदालत ने दी है। इस मामले के एक नाबालिग आरोपी की फाइल किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई है।
घटना बांदा शहर की थी। 17 जुलाई 2013 को कक्षा नौ की छात्रा सुबह स्कूल जा रही थी। घर से कुछ दूर फायर स्टेशन के पास 15 वर्षीय छात्रा को शंकर नगर निवासी जीतू उर्फ विजय चौरसिया पुत्र वंशीलाल और बउवा उर्फ रवि बाइक पर बैठाकर जबरन ले गए। छात्रा के पिता ने 19 जुलाई को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
छात्रा ने बंद कमरे में अदालत को दिए बयान में कहा कि उसका मुंह दबाकर मटौंध ले जाया गया। वहां तीन दिन तक उसे रखकर दोनों ने उसके साथ दुराचार किया। बाद में वह मौका पाकर किसी तरह से भाग निकली और घर आई। पुलिस ने उसका डाक्टरी परीक्षण कराया।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) मिस्कीन अली ने सात गवाह पेश किए। इसमें पीड़ित छात्रा भी शामिल थी। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम शाम कुमार ने इस केस का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त जीतू उर्फ विजय को धारा 376 (1) व धारा 366 आईपीसी में दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष की कठोर कैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर चार-चार माह जेल में और बिताना होंगे। जुर्माने आधी रकम पीड़ित बालिका को दी जाएगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने धारा 363 और पास्को एक्ट बरी कर दिया। नाबालिक आरोपी बउवा उर्फ रवि का मामला किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द कर दिया गया।