बांदा। दलित किशोरी को अगवा कर दुराचार करने के जुर्म में आरोपी को 10 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना अदा नहीं किया तो एक वर्ष की और कैद होगी।
मामला फतेहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 10वीं कक्षा की छात्रा को पड़ोसी बबुली यादव पुत्र अर्जुन यादव डरा-धमका कर ले गया और दुराचार किया। अतर्रा पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और किशोरी को बरामद कर उसके परिजन को सौंप दिया।
करीब छह माह बाद 24 मार्च 2011 को बबुली ने किशोरी को फोन पर धमकी दी कि वह उसके पिता को जान से मार देगा। किशोरी के माता-पिता आरोपी के घर शिकायत करने गए तो उन्हें धौंस-धमकी देकर भगा दिया। डीआईजी के आदेश पर 25 मार्च 2011 को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता फेरन पाल सिंह और रामस्वरूप सिंह ने सात गवाह पेश किए।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) डीपीएन सिंह ने धारा 376 और एससी/एसटी एक्ट में अलग 10-10 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 में पांच वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये से दंडित किया। धारा 294 में भी एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना न अदा करने पर क्रमश: एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।