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केन में कूदी हिमांशी का 20 घंटे बाद मिला शव

Sat, 11 Feb 2017 11:38 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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मां व परिजन रोते हुए - फोटो : amarujala
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केन नदी में कूदकर जान गंवाने वाली बीएससी की छात्रा का शव 20 घंटे बाद बरामद हुआ। कांटा डालकर उसे बाहर निकाला गया। पुलिसिया कार्रवाई के अड़ंगे में लगभग एक घंटे तक शव नाव पर पड़ा रहा। उधर, परिजनों में छात्रा की मौत को लेकर भारी गम और प्रेमी के खिलाफ गुस्सा है।
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जीआईसी में लेक्चरर किरन कालेज चौराहा निवासी रामरतन राजपूत की इंटर टापर पुत्री हिमांशी राजपूत (20) ने शुक्रवार को शाम केन पुल पर स्कूटी खड़ी कर में नदी छलांग लगा दी थी। मल्लाहों ने गहरे पानी में देर तक तलाश की। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने भी जाल और कांटा फेंका, लेकिन सब बेअसर रहा। देर रात हो जाने पर तलाश रोकना पड़ी। शनिवार को सुबह घरवालों की मौजूदगी में फिर से छात्रा का शव ढूंढने की कोशिश शुरू हुई।

आखिरकार 20 घंटे बाद कामयाबी हाथ आई और शव मिल गया। फायर ब्रिगेड कर्मियों के कांटे में हिमांशी का शव फंसकर बाहर आ गया। मल्लाहों के मुताबिक हिमांशी पुल के नीचे 30 फिट गहरे पानी में समा गई थी। अंदर पत्थर होने से सिर पर चोट भी आई। मल्लाह छात्रा का शव नाव पर रखकर घाट किनारे ले आए। थानाध्यक्ष के मुआयने के इंतजार में लगभग एक घंटे तक शव रखा रहा।
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मटौंध एसओ अब्दुल रज्जाक की मौजूदगी में पुलिस ने औपचारिकता पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान तमाशबीनों की भारी भीड़ रही। छात्रा के माता-पिता समेत तमाम परिजन मौजूद रहे। घरवाले होनहार हिमांशी को खोने पर बेहद गमजदा थे तो दूसरी तरफ इस अंजाम तक ढकेलने के जिम्मेदार प्रेमी के खिलाफ भारी गुस्सा भी था।

पुलिस उपाधीक्षक डा.राकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि इंटर टापर और बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा हिमांशी की मौत के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। हिमांशी से मिले सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल अभी तहरीर नहीं मिली है। छात्रा के पिता से बात हुई है, वह अंतिम संस्कार में व्यस्त हैं। फुरसत होते ही रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजेंगे।
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