नरैनी/कालिंजर। ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में मेले के
बीच बुधवार को जंगल में आग लग जाने से कार्तिक मेले में किले में स्थित
मंदिर के दर्शनों को आए श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गई।
फायर
ब्रिगेड ने आग बुझाने की कवायदें शुरू कर दीं। देर रात तक इस पर काबू नहीं
पाया जा सका। बुधवार को सुबह से ही दुर्ग में भीड़ थी। इसी बीच
बुड्ढा-बुड्ढी तालाब क्षेत्र के घने जंगल में आग लग गई।
कुछ ही देर
में इसने भीषण रूप ले लिया। रानी महल, वेंकट बिहारी मंदिर, मृगधारा,
संग्रहालय के आसपास पेड़-पौधे भी आग की चपेट में आ गए।
यहां ड्यूटी
पर लगे ब्लाक कर्मचारियों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। कुछ
ही देर में फायर ब्रिगेड पहुंच गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों के साथ नायब
तहसीलदार और श्रद्धालु भी आग बुझाने में जुट गए।
देर तक आग बुझाने
की कोशिशें जारी थीं। सैकड़ों की संख्या में हरे भारी भरकम पेड़, पौधे व
झाड़ियां राख हो गईं। आग लगने की वजह पता नहीं चली।
एसडीएम,
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक व कालिंजर थाना पुलिस समेत ब्लाक कर्मी घटना स्थल
पर बचाव कार्यों में लगे रहे। किले के आसपास धुआं ही धुआं नजर आ रहा था।
वन विभाग अधिकारियों को भी सूचना दी गई, लेकिन देर रात तक कोई अधिकारी नहीं
आया।