नासिक क्राइम ब्रांच के अधिकारी सीओ सिटी से बातचीत करते।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। हाई प्रोफाइल पंजाब आर्मरी लूटकांड के डकैतों की गिरफ्तारी के बाद नासिक क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारियों ने यहां डेरा डाल दिया। पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के बाद घटनास्थल की जांच-पड़ताल की। आसपास के दुकानदारों के बयान दर्ज किए और सीसीटीवी फुटेज लिए। डीजीपी के गृह जनपद के मुख्यालय में स्टेशन रोड जैसे व्यस्त इलाके से 11 दिनों पूर्व पंजाब आर्मरी से बदमाश 44 कीमती असलहे और 4146 कारतूस लूटकर यूपी और एमपी की सीमा लांघ कर यहां से 1300 किलोमीटर दूर नासिक पहुंच गए। घटना के दूसरे दिन नासिक जिले के चांदवड़ थाना पुलिस ने तीन डकैतों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में असलहे और कारतूस बरामद कर लिए। डकैतों के पास से हथियारों का जखीरा बरामद होने पर एटीएस के साथ दिल्ली और मुंबई पुलिस भी जांच में जुट गई। लुटेरों के कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़े बताए जा रहे हैं। बांदा पुलिस भी लुटेरों को अपने कब्जे में लेने की जुगत में लगी रही लेकिन नासिक पुलिस ने बांदा पुलिस को कोई भाव नहीं दिया।
उधर, रविवार को नासिक क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर एसएच देशमुख और हेड कांस्टेबिल सूर्यवंशी जेके ने कोतवाली आकर अपनी आमद दर्ज कराई। इसके बाद दोनों पुलिस अधिकारियों ने एसपी शालिनी से आवास में मुलाकात की। एसपी और क्राइम ब्रांच अधिकारियों के बीच लगभग एक घंटा तक बातचीत हुई। इसके बाद पुलिस वाहन से दोनों अधिकारी घटनास्थल पंजाब आर्मरी गए। यहां दोनों अधिकारियों ने नक्शा तैयार कर आसपास के दुकानदारों से घटना के बारे में पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज हासिल किए। पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पंजाब आर्मरी लूटकांड की जांच करने आए नासिक क्राइम ब्रांच के अधिकारी यहां तीन दिन रहेंगे। शस्त्रों का डिटेल भी उन्हें सौंप दिया गया।
कोतवाली प्रभारी की सुननी पड़ी खरीखोटी
बांदा (ब्यूरो)। पंजाब आर्मरी लूटकांड की जांच को यहां आए नासिक क्राइम ब्रांच अधिकारियों को कोतवाली प्रभारी की खरीखोटी सुननी पड़ी। रविवार को सुबह क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर एसएच देशमुख और हेड कांस्टेबिल सूर्यवंशी जेके कोतवाली पहुंचे। यहां कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पांडेय से मुलाकात की। कोतवाली प्रभारी ने जांच में सहयोग करने से दोटूक इनकार कर दिया। कहा कि यहां से जांच को गए पुलिस अधिकारियों के साथ महाराष्ट्र पुलिस का व्यवहार अच्छा नहीं था। यहां तक कि डकैतों की फोटो खींचने से भी मना कर दिया। वह जांच में कोई मदद नहीं सकते। एसपी से मिलकर पूरी बात बताएं इसके बाद ही वह जांच में मदद करेंगे। कोतवाली प्रभारी के यह तेवर देखकर क्राइम ब्रांच अधिकारी खामोश रहे और कोतवाली से बाहर आ गए। मीडिया कर्मियों ने क्राइम ब्रांच अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक आवास तक पहुंचाया।