चिल्ला थाने में खड़े अवैध खनन में पकड़े गए बालू के ट्रैक्टर।
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खनिज विभाग की फाइलों में 30 जून से जिले की सभी खदानों में खनन पूरी तरह बंद हो गया, पर फाइलों का यह दावा फरेबी है। नदियों में अवैध खनन जारी है। माना जा रहा है कि जो काम कानून नहीं कर पाया, वह कुदरत करेगी। अब बारिश की शुरुआत हुई है। नदियों का जल स्तर बढ़ेगा। खदानें पानी में डूबेंगी। रास्तों में दलदल हो जाएगा। खनन तभी ठप हो पाएगा। उधर, चिल्ला थाना क्षेत्र के सादीमदनपुर में हो रहे अवैध खनन में तहसीलदार ने चार बालू भरे ट्रैक्टर पकड़ लिए। ये चिल्ला थाना पुलिस के सुपुर्द किए गए हैं।
खदानों के पट्टों को जारी की गई एनओसी की शर्तों के मुताबिक 30 जून को खनन बंद कर दिया गया। यह 30 सितंबर तक बंद रहेगा। खनिज विभाग ने अपनी फाइलों में खनन बंद होने की इबारत दर्ज कर ली। शासन को भी यही सूचना भेज दी, लेकिन वास्तविकता इससे विपरीत है। खदानों में चोरी-छिपे या खुलेआम अवैध खनन जारी है। यह ज्यादातर रात को अंजाम दिया जा रहा है।
मध्य प्रदेश की सरहद नरैनी क्षेत्र से लेकर फतेहपुर जिले की सरहद पर चिल्ला थाना क्षेत्र तक और हमीरपुर जिले की सीमा पर पैलानी तहसील व चित्रकूट के सीमावर्ती अतर्रा, बदौसा आदि क्षेत्रों में डंप की आड़ में अवैध खनन हो रहा है। ट्रैक्टरों से ढुलान ज्यादा हो रही है। सड़कों पर दौड़ रहे बालू भरे ट्रक और ट्रैक्टर इसकी बानगी है। माना जा रहा है कि बारिश तेज होने के बाद नदियों में बाढ़ आएगी तब खदानें डूब जाएंगी। रास्ते भी अवरुद्ध हो जाएंगे। तभी अवैध खनन का कारोबार थमेगा। यानी कि जो काम कानून नहीं कर पा रहा वह कुदरत करेगी।
उधर, चिल्ला प्रतिनिधि के मुताबिक गुरुवार को पैलानी तहसीलदार रामदयाल ने चिल्ला थाना क्षेत्र के सादी मदनपुर खदान में छापा मारकर चार ट्रैक्टर पकड़े। यह सब बालू से भरे हैं। रात को अवैध खनन हो रहा है। चारों ट्रैक्टरों को चिल्ला पुलिस के हवाले कर दिया गया है।