होली की हुड़दंग में रंगों के साथ खून भी बहा। दो घटनाओं में गोलियां और लाठियां चलने से भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष के दो पुत्र गंभीर घायल हो गए। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। एक घायल को गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया गया।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के तरायां गांव में सोमवार शाम बच्चों में रंग लगाने पर विवाद हो गया। दो पक्षों के आमने-सामने आ जाने से मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों में जमकर लाठियां चलने लगीं। मारपीट के दौरान भाजपा पूर्व जिला उपाध्यक्ष स्व.समर सिंह का पुत्र जितेंद्र सिंह (48) गोली लगने से घायल हो गया। उनके बाएं हाथ की उंगलियां उड़ गईं। बड़े भाई बृजेंद्र सिंह (51) भी मारपीट में घायल हो गए।
दूसरे पक्ष से बाले श्रीवास (40) और उसका पुत्र पिंटू श्रीवास (18) भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस गांव पहुंच गई। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। घायलों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने सभी को जिला अस्पताल भेज दिया। प्राथमिक उपचार के बाद जितेंद्र को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया। घायल जितेंद्र सिंह का आरोप है कि चुनावी रंजिश में उनके ऊपर हमला किया गया है।
उधर, कोतवाली प्रभारी प्रेम कुमार यादव का कहना है कि रंग लगाने पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ है। कोतवाली में दोनों ही पक्षों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दूसरी घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के कहला गांव की है। सोमवार को देर शाम होली खेलने के विवाद में दो पक्षों के बीच गोलियां चल गईं। दोनों पक्षों के लोगों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। गोलियां चलने से गांव में दहशत फैल गई। कई लोगों ने इधर-उधर छिपकर अपनी जान बचाई।
गनीमत यह रही कि गोली किसी को नहीं लगी। खबर पाकर कोतवाली प्रभारी केपी सिंह भारी पुलिस फोर्स और अर्द्धसैनिकों व पीएसी जवानों के साथ गांव पहुंच गए। पुलिस के पहुंचते ही दोनों पक्षों के लोग भाग निकले। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गांव में होली खेलने को लेकर केश कुमार निषाद और रामदास निषाद के बीच गोलियां चलीं थीं। कोतवाली में दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।