अतर्रा। हर्ष फायरिंग में बहन का तिलक चढ़ाने आए युवक की जान चली गई। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। फायरिंग करने वाले असलहों सहित भाग निकले। शादी फिलहाल टाल दी गई है। घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के सिकलोढ़ी गांव में सोमवार की रात हुई। यहां विजय करन सिंह के पुत्र त्रिलोक सिंह की शादी झांसी जिले के उजियान गांव निवासी राघवेंद्र सिंह की बेटी से तय हुई है। सोमवार को तिलक था। झांसी से दुल्हन के बड़े भाई सोनू सहित दर्जनों लोग तिलक लेकर आए थे।
सोनू ने तिलक चढ़ाया। देर रात तिलक की रस्म पूरी होने के बाद समारोह में वर पक्ष के लोगों ने असलहों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। नर्तकी भी बुलाई गई थी। उनके नाच-गाने के बीच हो रही हर्ष फायरिंग में किसी की बंदूक से चली गोली कन्या के सगे बड़े भाई सोनू (24) के सीने में लगी। खून से लतपथ सोनी वहीं गिर पड़ा और दम तोड़ दिया।
यह नजारा देख जश्न में भगदड़ मच गई। फायरिंग करने वाले भी फरार हो गए। खुशियां काफूर हो गईं। परिजन शव लेकर जिला अस्पताल आए। यहां पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक सोनू इंटर का छात्र था। घटना के बाद वर और वधू दोनों ही घरानों में शोक छा गया। शादी भी फिलहाल टल गई है। उधर, थानाध्यक्ष राजपाल यादव का कहना है कि हर्ष फायरिंग नहीं हुई बल्कि किसी की बंदूक से अचानक फायर होने से यह हादसा हुआ है। पुलिस जांच कर रही है।
डीजीपी का आदेश पुलिस के ठेंगे पर
अतर्रा। हर्ष फायरिंग हुई तो नपेंगे थानेदार। यह आदेश मौजूदा पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद का है लेकिन डीजीपी के इस आदेश को पुलिस कितनी गंभीरता से ले रही है, सिकलोढ़ी गांव की घटना इसका ताजा उदाहरण है। हाल ही में डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को इस बाबत आदेश जारी किए थे। उधर, सिकलोढ़ी मामले में तो यह भी चर्चा है कि हर्ष फायरिंग के दौरान थाने के कुछ पुलिस कर्मी भी मौजूद थे। घटना के बाद वह खिसक किए। हालांकि थानाध्यक्ष ने पुलिस कर्मियों की वहां मौजूदगी की बात गलत बताई है।