मटौंध। दबंगों के जुल्म का शिकार हुई दलित महिला की एफआईआर पांच दिनोें बाद दर्ज कर की गई। वह भी महिला के मुख्यालय में अनशन के बाद। सरेआम चौराहे पर महिला को पीटने वाले पांच दबंग नामजद किए गए हैं। कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है। घायल महिला अस्पताल में इलाज के बाद अनशन पर डट गई। यहां इचौली चौराहे मेें 6 जुलाई को शाम करीब साढ़े चार बजे चाय की दुकान पर बैठी लगभग 50 वर्षीय संपत श्रीवास को पांच दबंगों ने लाठी, डंडों और लात-घूसों से मारपीट कर घायल कर दिया। इसी बीच खबर पाकर थाने के उप निरीक्षक गौरव तिवारी और सिपाही राजकुमार आ गए। हमलावर भाग गए। पुलिसकर्मियों ने घायल संपत को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन उनकी अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। संपत ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र कहा कि जिला अस्पताल में उसके साथ में फ्रैक्चर नहीं लिखा गया। जबकि डाक्टर ने एक्सरे किया था। आरोप लगाया कि नगर पंचायत ईओ के इशारे पर उस पर हमला हुआ। हालांकि ईओ से इस बारे में उनका पक्ष जानने के लिए मंगलवार को कई बार फोन पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। मैसेज का भी उत्तर नहीं दिया।
थानाध्यक्ष उमापति मिश्र का कहना कि सोमवार (11 जुलाई) को शाम साढ़े चार बजे तहरीर मिलने पर आरोपी रणधीर सिंह पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह, धीरू पुत्र स्वर्गीय राजा सिंह, सुरेंद्र सिंह पुत्र स्वर्गीय चुनूबाद सिंह, सुंदर सिंह पुत्र स्वर्गीय लुख्खू सिंह और शैलेंद्र सिंह पुत्र विचित्र सिंह (निवासीगण मटौंध) के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसकी जांच क्षेत्राधिकारी नगर कर रहे हैं। उधर, अनशन पर बैठी संपत के समर्थन में स्वयंसेवी संगठन आभास भारत के राष्ट्रीय सलाहकार दुलीचंद्र प्रजापति ने सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र भेजा है।