बांदा। शहर की सीमा के पास बसे चकचटगन गांव में दो सगे भाइयों की पत्थरों से कुचलकर हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने तीन वर्षों बाद सुनाए फैसले में चार अभियुक्तों को उम्रकैद और जुर्माना की सजा दी है। सभी अभियुक्त जेल में हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक देहात कोतवाली क्षेत्र के चकचटगन गांव निवासी बदलू निषाद पुत्र जगमोहन निषाद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसके भाई श्रीराम और चुन्नू दो नवंबर 2013 को सुबह मोटर साइकिल पर बांदा से घर आ रहे थे। बाइक चुन्नू चला रहा था, श्रीराम पीछे बैठा था।
गांव के प्रकाश उर्फ राम प्रकाश के घर के सामने से निकलते समय प्रकाश समेत रामराज, अइया उर्फ रामबाबू व प्रधान विशेश्वर पुत्र राममनोहर ने दोनों भाइयों पर फायर कर दिया। श्रीराम और चुन्नू लड़खड़ा कर गिर पड़े। हमलावरों ने पत्थर से उनका सिर कुचल कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया। दोहरे हत्याकांड के बाद तनाव के मद्देनजर गांव में कई दिन तक पुलिस तैनात रही। गांव में दहशत भी रही।
विवेचना अधिकारी ने प्रकाश उर्फ राम प्रकाश, रामराज, अइया उर्फ रामबाबू व विशेश्वर के खिलाफ धारा 302/34 व आर्म्स एक्ट के तहत अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय सिंह की
अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने 9 गवाह पेश किए। गुरुवार को न्यायाधीश ने चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। 25 आर्म्स एक्ट में प्रकाश, रामराज और रामबाबू को चार-चार साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।