कर्ज माफी में किसान को मिली रकम में धोखाधड़ी करके 50 हजार रुपये हड़प लेने के आरोप में अदालत ने इलाहाबाद बैंक के मैनेजर और कैशियर समेत दो बिचौलियों के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
जसपुरा थाना क्षेत्र के अमारा गांव निवासी लघु सीमांत किसान शिवलाल पुत्र टिर्रा लाल ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में धारा 156 (3) के तहत दी अर्जी में कहा था कि उसने 1.20 लाख रुपये कर्ज लिया था। सरकार की कर्ज माफी में एक लाख रुपये माफ हो गए।
आरोप लगाया कि जसपुरा ब्रांच बैंक प्रबंधक और कैशियर तथा दो बिचौलियों ने उसका एक लाख रुपये का दूसरा किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर कैश काउंटर से वाउचर के जरिए 50 हजार रुपये निकाल लिए और उसे नहीं दिए। पुराने क्रेडिट कार्ड में ब्याज सहित शेष राशि डाल दी।
आरोप लगाया कि यह 50 हजार रुपये मैनेजर, कैशियर और दोनों बिचौलियों ने आपस में बांट लिए। शिकायत के बाद भी उच्चाधिकारियों ने कोई तवज्जो नहीं दी। रुपये मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हैं। बुधवार 28 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस अर्जी पर जारी किए आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह संज्ञेय अपराध किया जाना प्रतीत होता है।
सीजेएम ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने थानाध्यक्ष जसपुरा को आदेश दिया कि अर्जी में दर्ज तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना करें। आरोपियों में बैंक प्रबंधक अमित यादव, कैशियर बंटी और बिचौलिए रामू सिंह पुत्र फूल सिंह (गौरीकलां) और दंगल सिंह पुत्र मथुरा सिंह (अमारा) शामिल हैं।