दहेज हत्या के मामले में अदालत ने पति, सास, देवर और ननद को सात-सात साल की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हमीरपुर जिले के जरिया गांव निवासी सोहन लाल तीन मार्च 2011 को बांदा शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी लक्ष्मी की शादी बांदा शहर के कालूकुआं निवासी देशराज उर्फ राजू के साथ की थी। पांच लाख कैश और 10 तोला सोना दिया था।
फिर भी ससुराल वाले दहेज के लिए लक्ष्मी का उत्पीड़न करते रहे। 2 मार्च 2011 को उसकी दूसरी बेटी ने लक्ष्मी के बारे में उसे फोन पर सूचनी दी तो वह लक्ष्मी की ससुराल पहुंच गया। वहां पता चला कि लक्ष्मी की मृत्यु हो चुकी है। पड़ोसियों ने बताया कि गला घोंटकर मारा गया है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तफ्तीश की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
शुक्रवार को अपर जिला जज संजय सिंह ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए पति देशराज उर्फ राजू, सास जग्गो, देवर लल्लू और ननद कुमारी प्रीती व कुमारी मोना को धारा 304 मेें 7-7 साल की कैद, धारा 498 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दो-दो वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद होगी।