एसपी कार्यालय में इंजीनियरिंग छात्रा शालिनी जैन। अमर उजाला
साइबर क्राइम अपराधियों ने इंजीनियरिंग छात्रा के एटीएम कार्ड का पासवर्ड हैक कर दिया। उसके खाते से पिता की गाढ़ी कमाई के पांच लाख रुपये पार कर दिए। यह रकम लगभग डेढ़ माह में थोड़ी-थोड़ी करके 50 बार निकाली गई है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर शहर कोतवाली में आईटी (इनफॉरर्मेशन टेक्नालॉजी) एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बांदा शहर के छोटी बाजार की छात्रा यहां कालीचरन निगम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (केसीएनआईटी) में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। पढ़ाई खर्च के लिए उसके पिता ने स्थानीय इलाहाबाद बैंक ब्रांच में खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड बनवाकर शालिनी जैन को दे रखा है। जरूरत के मुताबिक वह समय-समय पर कार्ड के जरिये एटीएम से पैसा निकालती रहती है। बृहस्पतिवार को यहां पुलिस अधीक्षक शालिनी से मिलकर छात्रा शालिनी जैन ने उन्हें दी अर्जी में बताया कि उसके खाते से बीते एक माह के अंदर अलग-अलग स्थानों से कई बार ट्रांजेक्शन करके लगभग 5 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। पहला ट्रांजेक्शन लखनऊ से किया गया है। कुल 50 बार में 5 लाख रुपये निकाले गए हैं।
छात्रा ने बताया कि उसने पिछले डेढ़ माह से अपने खाते से कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया है। डेढ़ माह पहले तीन बार एटीएम से पैसे निकाले थे। आखिरी बार 13 मार्च को पैसा निकाला था। उसके बाद उसका एटीएम कार्ड हैक कर दिया गया। छात्रा ने बताया कि वह अपने पिता का एटीएम कार्ड इस्तेमाल करती है। छात्रा की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने शहर कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट कर जांच के आदेश दिए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रीनिवास यादव ने बताया कि आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि जिन एटीएम से पैसा निकाला गया है वहां के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज लिए जा रहे हैं।
इंजीनियरिंग छात्रा के साथ हुई घटना पर पुलिस अधीक्षक शालिनी ने आशंका जताई कि यह एटीएम कार्ड की क्लोनिंग का मामला हो सकता है। एसपी ने कहा कि हाल ही के दिनों में ऐसी कुछ और घटनाएं भी सामने आईं हैं। सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं। एसपी ने कहा कि उन जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है जहां हाल ही में एटीएम के जरिए पैसा उड़ाने वाले गिरोह पकड़े गए हैं।