आठ साल पहले हुई हत्या की घटना में पिता और तीन पुत्रों समेत पांच लोगों को आजावीन कारावास की सजा सुनाई गई है। घटना 26 अप्रैल 2010 की रात की है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के लुकतरा गांव निवासी सीताराम द्विवेदी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया था कि गांव के रहने वाले तीन सगे भाई कमलेश, बच्चा, लल्लू यादव ने अपने पिता भगवानदीन यादव तथा रामबाबू उर्फ करिया के साथ पहुंचकर दरवाजे पर खड़े उनके भाई हीरा लाल पर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर दिया था। बचाव में आए भाई नीरज और लवलेश को भी निशाने पर लेकर वार किए थे। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पांचों को नामजद किया था। अभियुक्त कमलेश अन्य मामले में नैनी जेल में है, जबकि अन्य चारों जमानत पर थे।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई पूरी होने पर विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम)/अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने पांचों को हत्या में उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में क्रमवार 10 वर्ष कैद-10 हजार जुर्माना, एक वर्ष कैद-एक हजार जुर्माना, दो वर्ष कैद-एक हजार जुर्माना, दो वर्ष कैद-एक हजार जुर्माना, दो वर्ष कैद-पांच हजार जुर्माने का दंड भी तय किया।