बांदा। फर्जी अभिलेखों से सिम कार्ड बेंचने के मामले में जेल भेजे गए चार आरोपियों की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। चारों आरोपियों समेत इस मामले के कुल छह आरोपी जेल मेें हैं।
शहर कोतवाली पुलिस ने पिछले माह 12 सितंबर को शहर की कई सिम और मोबाइल दुकानों में छापे मारकर फर्जी अभिलेख और उनके जरिये एक्टिवेट किए गए सिम आदि बरामद किए थे। सिविल लाइन स्थित एक अधिवक्ता के मकान से बृजेश कुमार और दीपक रैकवार को पकड़ा गया।
उनकी निशानदेही पर ओमबाबू गुप्ता उर्फ अभिषेक, दीपू प्रजापति, मनीष कुमार गुप्ता और गुड्डू राईन को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया। इन सभी के पास 2417 सिम कार्ड और साफ्टवेयर रेफरेशर, एक डेटा वाईफाई, 11 मोबाइल फोन सेट, एक लैपटॉप सहित बड़ी संख्या में आईडी, आधार कार्ड और फोटोग्राफ आदि बरामद किए थे।
अभियुक्त दीपक रैकवार, ओमबाबू गुप्ता उर्फ अभिषेक, बृजेश कुमार निषाद और दीपू प्रजापति ने जमानत के लिए अदालत में अर्जी दी थी। मंगलवार को शासकीय अधिवक्ता मूलचंद्र कुशवाहा और अभियुक्तों के वकीलों ने बहस की और दलीलें पेश की।
सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के के अस्थाना ने इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए चारों अभियुक्तों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।