अधिवक्ता अरविंद सिंह परिहार (फाइल फोटो)।
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बांदा। फौजदारी क्षेत्र में अपनी वकालत का लोहा मनवा चुके बुजुर्ग अधिवक्ता अरविंद सिंह परिहार ने खुद को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार ली। उनकी वहीं मौत हो गई। कुछ देर पूर्व तक परिजनों के बीच बैठकर चाय पीते रहे बुजुर्ग अधिवक्ता की आत्महत्या से घर में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता और अन्य लोग उनके घर पहुंचने लगे। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
फौजदारी के अधिवक्ता अरविंद सिंह परिहार बन्योटा मोहल्ला में अपने परिवार के साथ रहते थे। वे ज्यादातर अपना समय मकान के ऊपरी हिस्से में गुजारते थे। घर में एक पुत्री व एक पुत्र और पत्नी है। पुत्र अनुग्रह सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिन में करीब साढ़े तीन बजे वह ऊपरी मंजिल से नीचे चाय पीने आए। वह काफी तनाव में नजर आ रहे थे।
बकौल अनुग्रह उन्होंने यह भी कहा कि अब वह जी नहीं पाएंगे। उलझन बहुत हो रही है। पुत्र ने बताया कि इसके पूर्व सुबह भी कुछ ऐसी ही बातें की थीं। उन्हें सांस फूलने की भी शिकायत थी। बताया कि शाम करीब चार बजे अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपने सीने में गोली मार ली।
फायर की आवाज सुनकर मकान के निचले हिस्से में मौजूद परिजन भागकर ऊपर आए तक तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को खबर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिहार कई वर्षों तक सरकारी अधिवक्ता भी रहे। आत्महत्या की खबर फैलते ही उनके घर में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और अन्य लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू है।