बांदा। दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी मानते हुए अदालत ने सात वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। ससुर को भी एक वर्ष की कैद और जुर्माना हुआ। अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना किया गया है।
बांदा शहर के बन्योटा निवासी रानी देवी सविता ने 25 नवंबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी बेटी की शादी 19 फरवरी 2011 को कानपुर नगर के हाथीपुर मेें की थी। दान-दहेज दिया था। लेकिन 50 हजार और बाइक के लिए ससुराल मेें बेटी को प्रताड़ित किया जाता रहा।
5 नवंबर 2011 को दोपहर उसे कमरे में बंदकर आग लगा दी। बुरी तरह झुलसी अवस्था में उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना के बीस दिनों बाद दहेज हत्या आदि की रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। एडीजीसी फेरन सिंह पाल ने आठ गवाह पेश किए।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) हरिनाथ पांडेय ने इस मामले में पति दीपू सविता को धारा 304 बी में सात वर्ष की कैद, धारा 498 ए और दहेज प्रतिषेध अधिनियम में पति व ससुर अजय पाल को एक-एक वर्ष की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर 30-30 दिन की कैद और भुगतना होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।