बांदा। करीब सवा लाख रुपये का कर्ज। लगभग 52 हजार रुपये बिजली का बकाया बिल। इसी बीच ट्यूबवेल का पंप फुंक जाने जैसी कई परेशानियों और तनाव से घिरे किसान ने खेत के पास ही पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सदर तहसील के दरदा छावनी (कनवारा) गांव निवासी दशरथ निषाद (58) रविवार की रात अपने ट्यूबवेल में लेटा था। सोमवार को सुबह उसका शव पेड़ पर टंगा मिला। खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीणों को जमघट लग गया।
पुलिस न आने से शव कई घंटे पेड़ पर लटका रहा। मृतक के पिता ने बताया कि उसके चारों पुत्रों का बंटवारा हो गया था और सभी अलग रहते थे। दशरथ के हिस्से में पांच बीघा जमीन थी। लगभग छह बीघा जमीन बंटाई पर लिए था।
बंटवारे में ट्यूबवेल भी दशरथ के हिस्से में मिला था। दो माह पहले ट्यूबवेल फेल हो जाने से उसने गांव वालों से लगभग एक लाख 20 हजार रुपये कर्ज लेकर दोबारा बोरिंग कराई थी। उधर, बिजली का बिल भी अदा न हो पाने से बढ़कर 52 हजार हो गया था। इसे लेकर भी वह काफी तनाव में था।
पत्नी महरी ने बताया कि रविवार को ट्यूबवेल की मोटर फुंक गई थी। इसकी मरम्मत के लिए लगभग 15 हजार रुपये भी नहीं थे। एसडीएम अनुज सिंह के आदेश पर लेखपाल शिवभूषण व कानूनगो बल्देव प्रसाद ने गांव जाकर जांच पड़ताल की।