बांदा। जर्जर सड़क पर डीसीएम असंतुलित होकर पलट गया। इस पर सवार तीन बच्चों समेत 10 खेतिहर मजदूर घायल हो गए।
राहगीरों
और पुलिस ने उन्हें बाहर निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया। सभी कानपुर से
धान कटाई करके लौट रहे थे। मजदूरी में मिला अनाज मिट्टी में मिल गया।
अतर्रा
क्षेत्र के कई गांवों के 13 मजदूर धान कटाने कानपुर गए थे। शनिवार की शाम
डीसीएम से वापस आ रहे थे। आऊ गांव के नजदीक गड्ढायुक्त सड़क पर डीसीएम
असंतुलित होकर पलट गया।
मजदूर और बच्चे दब गए। उनमें चीख-पुकार मच
गई। राहगीरों और ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला। कुछ ही देर में पुलिस आ
गई और घायलों को वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया।
घायलों में
सैमरिया गांव का बब्लू खां (45) और उसकी पत्नी आयशा (40), पुत्री रोशनी
(7), पुत्र जान मोहम्मद (6) व सूरज पाल (45) व उसकी पत्नी सोना (40),
राजनगर गांव की रेखा (30) पत्नी राधेश्याम व पुत्री आशू (11) और मूसानगर
निवासी किशनिया (45) पत्नी गया प्रसाद व राजरानी (44) पत्नी कृष्णदीन शामिल
हैं।
राधेश्याम, कृष्णदीन व गया प्रसाद को भी मामूली चोंटे आईं।
कटाई में मिला सारा सामान तहस-नहस हो गया। घटना के बाद डीसीएम चालक व
क्लीनर भाग गए।
उधर, नरैनी क्षेत्र के पियार गांव का रमइया (16)
पुत्र लाखन रविवार को सुबह खेत की सिंचाई कर रहा था। तभी पंपिंग सेट का
पहिया निकल गया और रमइया चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया।