गैर इरादतन हत्या के आरोपी को 10 वर्ष की सश्रम कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव के राजवीर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कृषि विश्वविद्यालय में गार्ड है। घर में उसकी पत्नी भूरी देवी उर्फ प्रभा अपने छोटे बच्चों और सास, ससुर के साथ रहती थी।
रिपोर्ट में कहा गया था कि गांव का ही मतोला उर्फ कुलदीप पुत्र रामकरन कलार उसकी पत्नी को फोन से परेशान करता था। 31 अगस्त 2012 की आधी रात वह घर आ गया। आहट पाकर मां ने आवाज लगाई तो कुलदीप उसकी पत्नी भूरी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर भाग गया। भूरी जलती हालत में दौड़ी और घर के बाहर गिरकर बेहोश हो गई। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर अदालत ने अर्जी देकर 26 नवंबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर आपत्ति दाखिल की गई। प्रथम अपर सीजेएम ने अपत्ति स्वीकार कर ली। अभियुक्त मतोला उर्फ कुलदीप के विरुद्ध धारा 304 आईपीसी का आरोप पत्र भेजा गया। डीजीसी मनोज यादव ने छह गवाह पेश किए। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने अभियुक्त मतोला को धारा 304 आईपीसी में 10 वर्ष की सश्रम कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर छह माह जेल में और बिताने होंगे।