अपहृत टाइल्स व्यापारी का सातवें दिन भी यूपी-एमपी पुलिस सुराग नहीं लगा सकीं। अलबत्ता पुलिस अधीक्षक का दावा है कि बदमाशों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं। उधर, सूत्रों के मुताबिक यूपी-एमपी के जंगलों में कांबिंग के साथ दस्यु गिरोहों के सूत्रधार भी खोजे जा रहे हैं। चौतरफा हो रही किरकिरी पर पुलिस अपहृत की बरामदगी के लिए हर हथकंडा अपना रही है।
21 सितंबर की रात करीब सवा 8 बजे यहां शहर के चिल्ला रोड स्थित कजारिया टाइल्स शोरूम मालिक प्रदीप सेंगर उर्फ नीलू को असलहों के बल पर बदमाश उसी की इनोवा कार में अपहृत कर ले गए थे। अब तक 7 दिन गुजर गए, न अपहृत का पता लगा और न अगवा करने वाले बदमाशों का। यूपी-एमपी की कई टीमें खोजबीन में जुटी हैं। बांदा से लेकर छतरपुर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर भी कोई सफलता पुलिस के हाथ नहीं आई।
सर्विलांस, डॉग स्क्वायड, फोरेसिंक जांच आदि का भी सहारा लिया। सब बेअसर नजर आ रहा है।
उधर, पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने अब तक कोई फिरौती जैसी मांग नहीं की है। कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं। हर बिंदु पर ध्यान देते हुए योजना बनाई जा रही है। यह भी बताया कि एडीजी, इलाहाबाद ने सागर जोन पुलिस महानिरीक्षक से भी बात की है। एमपी पुलिस घटना के खुलासे के लिए पूरा सहयोग कर रही है। एसपी ने यह भी बताया कि बदमाशों का कोई स्क्रैच फोटो जारी नहीं किया गया।
व्यापारियों ने ग्रेनाइट व्यापारी प्रदीप सिंह सेंगर उर्फ नीलू के अपहरण मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। पुलिस पर लचर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। गुरुवार को तहसील परिसर में अपहरण मामले को लेकर नगर के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। कहा कि सात दिन बीत गए, लेकिन अभी तक व्यापारी की खोज नहीं हो सकी। परिवार के सदस्यों की हालत दिनोंदिन बिगड़ रही है। पुलिस के रवैये पर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। ज्ञापन व प्रदर्शन में जगरूप सिंह, अधिवक्ता अमर सिंह राठौर, राजकरन त्रिपाठी, नीरज द्विवेदी, धीरेंद्र गौतम, प्रकाश त्रिवेदी, रोहित त्रिवेदी, नरेंद्र प्रताप, नवनीत गुप्ता, धीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने नीलू सिंह के परिजनों को धैर्य से काम लेने की बात कही। कहा कि किसी भी हालत में अपराधियों को नहीं छोड़ेंगे।
कार्रवाई के नाम पर पुलिस कर रही खानापूरी
बांदा। अपहृत व्यापारी प्रदीप सिंह के पिता तेजबली सिंह पुलिस कार्रवाई को खानापूरी बता रहे हैं। कहा कि अपहरण के दिन जिला मुख्यालय में पुलिस के उच्चधिकारियों को रात्रि 9 बजे घटना की सूचना दे दी गई थी। लेकिन पुलिस ने शिथिलता बरती। वाहनों की चेकिंग के निर्देश करीब डेढ़ घंटे बाद दिए। फौरी कार्रवाई होती तो बदमाश भूरागढ़ पुलिस चौकी, मटौंध थाना, महोबा जनपद समेत कबरई व श्रीनगर थाना पार करके छतरपुर तक नहीं पहुंच पाते। ब्यूरो