अतर्रा (बांदा)। डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक शाखा
प्रबंधक की गोली लगने से मौत हो गई। उनका खून से लथपथ शव बैंक में मिला।
परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस आत्महत्या करार दे रही है।
फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने नमूने लिए हैं।
बांदा
के छोटी बाजार निवासी संजय कुमार वर्मा (46) अतर्रा थाना परिसर से चंद कदम
दूर स्थित कोआपरेटिव बैंक में शाखा प्रबंधक थे। वह प्रतिदिन की तरह बुधवार
सुबह करीब 9.45 बजे बैंक पहुंचे।
कार्यालय खुद खोला और अंदर चले
गए। बैंककर्मी राजकुमार कुशवाहा करीब 10 बजे वहां पहुंचे। बैंक खुली होने
पर उन्होंने लिपिक हृदयेंद्र को सूचना दी।
करीब पांच मिनट बाद ही
वह भी आ गए। इसके बाद दोनों अंदर गए तो शाखा प्रबंधक संजय कुमार वर्मा खून
से लथपथ पड़े थे। उनकी बाई कनपटी पर गोली लगने से निशान मिले। दाहिनी तरफ
ही पैर के नजदीक 32 बोर का तमंचा पड़ा था।
हृदयेेंद्र ने पुलिस को
सूचना दी। अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला मयफोर्स मौके पर पहुंचे। तमंचा
बरामद करने के बाद बैंक के अंदर किसी के आने जाने पर रोक लगा दी गई।
फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम ने फिंगर प्रिंट व फोटोग्राफ लिए। पुलिस आत्महत्या
मान रही है, जबकि मृतक के भाई राजकुमार ने हत्या का आरोप लगाया है।
उनका
सवाल है कि आखिर शाखा प्रबंधक के पास तमंचा कहंा से आया। वह सुबह करीब नौ
बजे घर से पुलिस की पड़ताल में आसपास के लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनने
से भी इनकार कर दिया है। बैंक की चाबी शाखा प्रबंधक के पास ही रहती थी।