बांदा। लमेहटा बालू खदान में शनिवार की रात ठेकेदार और जेसीबी मशीन मालिक के बीच हुई गोलीबारी की घटना में बदौसा थानाध्यक्ष ने खदान ठेकेदार को क्लीनचिट देते हुए जेसीबी मालिक को दोषी करार दिया है। साथ ही ठेकेदार की तहरीर पर जेसीबी मालिक सहित कई लोगों के विरुद्ध कई संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।लमेहटा खदान में 28 अक्तूबर को शाम खदान के पार्टनर मनोज द्विवेदी और जेसीबी मालिक रामजस के बीच विवाद होने के बाद हवाई फायरिंग हुई थी। आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर पहुंची यूपी-100 ने दोनों पक्षों को लाकर बदौसा थाने के हवाले कर दिया। जेसीबी के मालिक रामजस का कहना था कि उस पर यह दबाव डाला जा रहा था कि अपनी जेसीबी से खदान में खनन कराए। पकड़े जाने के डर उसने इससे इनकार कर दिया। इस पर विवाद हुआ। दूसरी तरफ खदान के पार्टनर का कहना था कि रामजस यादव ने अपनी 20 गाड़ियां बगैर रवन्ने के भरने को कहा। मना करने पर धमकी देकर मारपीट की।
गोलीबारी की खबर मीडिया में प्रमुखता से छपने के बाद बदौसा पुलिस ने बदौसा थानाध्यक्ष रामकेवल पटेल ने पुलिस अधीक्षक को भेजी लिखित रिपोर्ट में गुनाह का पूरा ठींकरा रामजस पर फोड़ते हुए लिखा है कि रामजस यादव पुत्र विजय यादव (दोहा, कोतवाली देहात) और राजेंद्र सिंह पुत्र लल्ला सिंह (हस्तम, अतर्रा) व दो अन्य व्यक्ति खदान आए और पार्टनर मनोज से कहा कि उसके अंडर में 20 गाड़ियां हैं। बगैर रवन्ने के बालू चाहिए। पांच हजार रुपये प्रति ट्रक गुंडा टैक्स भी मांगा। मना करने पर बालू न निकलने देने और जान से मारने की धमकी दी। पार्टनर के शोर मचाने पर काफी लोग आ गए। इस पर रामजस आदि धमकाते हुए चले गए। रात करीब एक बजे रामजस ने फिर खदान आकर पार्टनर से पैसे मांगे और बंदूक लहराई। शोर मचाने पर खदान के लोग आ गए। इस पर रामजस आदि ने कुछ दूर जाकर हवाई फायरिंग की। थानाध्यक्ष ने बताया है कि रामजस आदि के खिलाफ धारा 387, 504, 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज करके रामजस और राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
लमेहटा पार्टनर पर अवैध खनन की रिपोर्ट
बांदा। बदौसा पुलिस ने भले ही लमेहटा खदान के पार्टनर को क्लीनचिट दे दी हो, लेकिन अवैध खनन के मामले में इस खदान के पार्टनर पर एफआईआर दर्ज हो गई है। खनिज अधिकारी रामपदारथ सिंह ने बदौसा थाने में सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। खनिज अधिकारी द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि एसडीएम अतर्रा की जांच रिपोर्ट के मुताबिक मेसर्स एसोसिएटेड कामर्स मध्य प्रदेश के पार्टनर विश्वास परमानी आत्मानी (पुत्र) एच परमानी, निवासी पिपरिया (होशंगाबाद) को गाटा संख्या 1039 (रकबा 7.69 एकड़) का लमेहटा खदान में पट्टा (अनुज्ञा पत्र) जारी किया गया है। इसका सीमांकन भी करा दिया गया है लेकिन पार्टनर ने बिना अनुमति लिए गाटा संख्या-765 पर खनन शुरू करा दिया। हालांकि यह रकबा उनके पट्टे में शामिल था, लेकिन डीएम एवं एसडीएम से संशोधन/अनुमति लेकर ही खनन किया जाना था। खनिज अधिकारी ने कहा कि 29 अक्तूबर की रात में इस गाटा संख्या में अवैध खनन होते पाया गया। खनिज अधिकारी की तहरीर पर बदौसा थाने में पार्टनर विश्वास परमानी के विरुद्ध नियमावली 1963 के नियम-3 और खान अधिनियम 1957 की धारा-4 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।