भाभी पर जानलेवा हमले में अदालत ने देवर को पांच साल की कैद व 5000 रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह जेल में और रहना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक अतर्रा थाना क्षेत्र के प्रसाद का पुरवा (बिसंडा रोड) निवासी सुखराम पुत्र कल्लू प्रसाद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 जून 2014 को वह अपनी बहन संतोषी देवी की ससुराल बान बाबा का पुरवा (नगनेधी) गया था। संतोषी आंगन में चारपाई पर लेटी थी। तभी तड़के देवर राजू उर्फ प्रकाशचंद्र पुत्र रघुनंदन सेन ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बचाने में वह भी घायल हो गया। खून से लथपथ बहन को उसने सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया।
विवेचनाधिकारी ने जांच के बाद आरोपी राजू उर्फ प्रकाशचंद्र के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायाधीश (द्वितीय) अनिल कुमार (पंचम) की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता फेरन सिंह पाल ने छह गवाह पेश किए। शनिवार को न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोष सिद्ध पाते हुए सजा व जुर्माना से दंडित किया।