बांदा। छह दिन पूर्व युवक की गला रेतकर हत्या में पत्नी का प्रेमी ही कातिल निकला। प्रेमी के इस अपराध में मृतक की पत्नी शामिल थी। योजना के तहत प्रेमी ने अपने एक सहयोगी के साथ युवक को मौत के घाट उतार दिया। कोतवाली पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शहर के गूलरनाका निवासी अंसार (40) पुत्र निसार बेग का शव 24 जुलाई को सुबह शहर सीमा पर स्थित पल्हरी रोड में निर्माणाधीन मकान के पीछे खून से लथपथ मिला था। गला कटा हुआ था। मृतक पेशे से ठेलिया पर भाड़ा ढोने वाला मजदूर था। पत्नी नूरजहां ने कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों का कहना था कि किसी से रंजिश नहीं थी।
शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में अपर एसपी मायाराम वर्मा और नगर क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि गुरुवार की रात राशिद खां पुत्र सलीम (हाथीखाना) और सईद पुत्र रईस उर्फ कल्लू (छनियापुरवा, झांसी) को रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में घटना का पर्दाफाश हुआ। हत्या की साजिश में शामिल मृतक की पत्नी नूरजहां को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गला काटने में इस्तेमाल उस्तरा घटनास्थल से कुछ दूर पर छिपाया गया था। इसे भी बरामद कर लिया। आरोपी सईद की खून से सनी बनियान भी बरामद हुई।
पांच साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
अंसार की पत्नी नूरजहां और मुख्य आरोपी राशिद खां के बीच पांच साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। आजाद नगर से पहले अंसार हाथीखाना मोहल्ले में किराए के मकान में रहता था। वहीं कबाड़ का काम करने वाले राशिद और नूरजहां के बीच अवैध संबंध हो गए। तीन साल पहले मोहल्ला छोड़ने के बाद भी प्रेम-प्रसंग खत्म नहीं हुआ। राशिद कमाई की रकम नूरजहां के ऐशोआराम पर खर्च करता था।
पुलिस के मुताबिक एक माह पहले नूरजहां और राशिद ने अंसार को खत्म करने की साजिश रची थी। इसके लिए राशिद ने अपने दोस्त सईद का सहयोग लिया। 23 जुलाई की देर शाम अंसार को कबाड़ का सामान उठाने के बहाने बस्ती के बाहर बुलाया। दोनों ने उस्तरा से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। घटना कोअंजाम देने के बाद दोनों नूरजहां के घर पहुंचे। वहां से सईद झांसी चला गया। राशिद उसके घर में ही रुक गया।
बेटियों की परवरिश मुश्किल
बांदा। मृतक अंसार की तीन पुत्रियों में रोशनी (9), चांदनी (6) व चांद तारा (4) हैं। पिता की मौत के बाद अब उनका कोई सहारा नहीं है। अंसार के पिता निसार बेग लगभग 80 साल के हैं और वे बीमार हैं। निसार का कहना है कि जैसे भी होगा बेटियों का बसर तो कराना ही पड़ेगा।