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बैंक कैशियर से लूट में तीन बदमाश गिरफ्तार

Sat, 09 Jul 2016 11:55 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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लूट में पकड़े गए आरोपी (दाहिने से बाएं) हिमांशु, रशीद और प्रशांत - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। हफ्ते भर पहले दिनदहाड़े बैंक कैशियर से हुई 10 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 5.20 लाख रुपये और लूट में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली है। पुलिस के मुताबिक लूट का मास्टर माइंड अभी हाथ नहीं लगा। उस पर बांदा, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर और छतरपुर में लूट और डकैती के मुकदमे हैं।
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दो जुलाई को सुबह करीब 10:45 बजे इलाहाबाद बैंक के कैशियर रावेंद्र शुक्ला तिंदवारा ब्रांच के लिए 10 लाख रुपये मुख्य ब्रांच से लेकर बाइक से जा रहे थे। रुपये से भरा बैग चतुर्थ श्रेणी कर्मी राजेश कुमार लिए बाइक पर पीछे बैठा था।

केसीएनआईटी के पास एक ही बाइक से आए तीन बदमाशों ने कैशियर की बाइक को लात मारकर गिरा दिया और रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। कैशियर ने मामले की रिपोर्ट कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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शनिवार को पुलिस ने लूट का पर्दाफाश करने का दावा किया। पुलिस लाइन में एसपी राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने लूट में शामिल प्रशांत पटेल पुत्र महेंद्र पटेल (धीरज नगर, बांदा), हिमांशु अग्निहोत्री पुत्र विपिन अग्निहोत्री (बंगालीपुरा, बांदा) और रशीद पुत्र इमामी (मर्दननाका, बांदा) को शुक्रवार को दोपहर घटनास्थल से कुछ दूर नरैनी रोड पर पड़ुई गांव मोड़ पर गिरफ्तार कर लिया। तीनों के पास से 5.20 लाख रुपये और डिस्कवर बाइक बरामद हुई है।

एसपी ने बताया कि लूट का मास्टर माइंड सोमचंद्र पुत्र शिवराज (चमरौटी, चमड़ा मंडी के पास) है। वह मौके से भाग निकला। भागते समय सोमचंद्र अपना बैग फेंक गया। बैग में तीन लाख रुपये और उसका आधार कार्ड था। ये रुपये बैंक कैशियर से लूटे थे। इसके विरुद्ध बांदा, हमीरपुर, महोबा और छतरपुर में लूट और डकैती के कई मुकदमे दर्ज हैं। बताया कि लूट में शामिल एक आरोपी रामबाबू काछी पुत्र कसिया (मर्दननाका) भी भाग निकला।

गिरफ्तार लुटेरे प्रशांत ने बताया कि वह बाइक चला रहा था। बैग सोमचंद्र ने छीना था। प्रशांत के मुताबिक उसे मात्र 1.57 लाख रुपये मिले। बाइक हिमांशु अग्निहोत्री ने दी। हिमांशु ने बताया कि बाइक छतरपुर के राघवेंद्र की है। लूट के चार दिन पहले 2000 रुपये में उसने गिरवी रखी थी। अभियुक्त रशीद का कहना है कि बैंक कैशियर द्वारा पैसा लेकर जाने की सूचना उसने सोमचंद्र को मोबाइल पर दी थी। अभी लूट का 4.80 लाख रुपये पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस का कहना है कि फरार लुटेरों की गिरफ्तारी के बाद शेष पैसा बरामद किया जाएगा।

टीम को 35 हजार रुपये ईनाम
बांदा। लूटे गए 10 लाख। पुलिस के हाथ लगे 5.20 लाख। लुटेरों को पकड़ने वाली पुलिस पार्टी को मिला है 35 हजार रुपये का इनाम। लुटेरे बांदा शहर के ही निकले। फिर भी उन तक पहुंचने में पुलिस को एक हफ्ता लग गया। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) इलाहाबाद जोन ने 20 हजार रुपये, उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चित्रकूटधाम मंडल ने 10 हजार रुपये और पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपये का नगद ईनाम लुटेरों को दबोचने और सुरागरसी करने वाली पुलिस टीम को दिए हैं।

इनके सिर बंधा सेहरा
बांदा। लूट का पर्दाफाश कर लुटेरों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी केपी सिंह, क्राइम ब्रांच के एसआई आनंद कुमार सिंह, एसआई उपेंद्र सिंह यादव, दुर्गविजय सिंह, राकेश सरोज, कृष्ण कुमार यादव, रामबाबू यादव, कांस्टेबिल विनय कुमार यादव, सुशील कुमार, कमलेश कुमार, शिवानंद शुक्ला, बृजराज और नितेश समाधिया शामिल रहे। सर्विलांस सेल की भूमिका अहम रही। एएसपी मायाराम और नगर क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने नेतृत्व किया।
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