कानपुर से आई आयकर विभाग की टीम ने सीएमओ कार्यालय पहुंच अभिलेख खंगाले। टीम को एक साल में किए गए भुगतान में लगभग 50 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली है। आयकर विभाग ने संबंधित लिपिक को सम्मन जारी कर दो दिन के अंदर कानपुर स्थित अपने मुख्यालय में तलब किया है। उधर, आयकर की टीम ने महोबा में भी लगभग 30 लाख रुपये की गड़बड़ी पाई है।
बुधवार को कानपुर के आयकर अधिकारी राहुल दीक्षित और राजेश तिवारी की अगुवाई में आयकर निरीक्षक एसके निगम व शहनवाज की टीम ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की जांच-पड़ताल की। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार की उपस्थिति में उनके कार्यालय के लेखा संबंधी अभिलेखों की सघन जांच-पड़ताल की। यह कार्रवाई पूरे दिन चली। आयकर अधिकारी राहुल दीक्षित ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले एक साल में लगभग 50 लाख रुपये का आयकर/टीडीएस जमा नहीं किया गया। मुख्य रूप से जो गड़बड़ियां हुईं हैं, उनमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा भाड़े पर लिए गए वाहनों का किराया भुगतान करते समय टीडीएस नहीं काटा। यह भी सामने आया कि कुछ वाहन स्वामियों से टीडीएस की कटौती कर ली गई, लेकिन उसे आयकर विभाग में जमा नहीं किया गया। आयकर अधिकारी ने बताया कि इससे संबंधित कई दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। इनकी और जांच-पड़ताल की जाएगी। फिलहाल संबंधित कर्मी को सम्मन जारी कर कानपुर तलब किया गया है। उधर, बुधवार को ही आयकर विभाग की टीम ने महोबा स्थित सीएमओ कार्यालय में आयकर अधिकारी महेंद्र कुमार की अगुवाई में जांच की। आयकर अधीक्षक शिवेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक वहां भी 30 लाख रुपये टीडीएस कटौती में गड़बड़ी मिली है। संबंधित लिपिक को सम्मन जारी कर जांच के लिए कानपुर बुलाया गया है। इस संबंध में महोबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके वार्ष्णेय का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों का टीडीएस कट रहा है। अधिकारियों का पोर्टल दूसरा है, जिसमें वह शो नहीं कर रहा है। इनकम टैक्स अधिकारी हर साल अभियान के तहत आते हैं। उन्हें टीडीएस कटने की जानकारी दी गई है।