सावधान! एटीएम से पैसा निकालकर खाता धारकों को चूना लगाने का अतर्रा नगर अड्डा बनता जा रहा है। पिछले करीब एक माह में ऐसी कई घटनाओं में पांच लाख रुपये से ज्यादा एटीएम कार्डों से निकाल लिए गए हैं।
अतर्रा नगर में पिछले माह 19 दिसंबर को एक मदरसे का छात्र तालिब अली (संडीला, हरदोई) एटीएम अपने खाते का बैलेंस चेक करने गया था। वहां उसे दो अज्ञात व्यक्ति मिले और चालाकी से उसका एटीएम कार्ड बदल दिया। उसे ज्योति विश्वकर्मा नाम का एटीएम कार्ड थमा दिया। छात्र तालिब समझ ही नहीं पाया।
2 जनवरी को तालिब एटीएम पहुंचा तो कार्ड मशीन में नहीं लगा। गौर से देखा गया तो पता चला की कार्ड बदला हुआ है। इस बीच तालिब से खाते से 19 दिसंबर से दिसंबर से लेकर 28 दिसंबर तक लगातार रोजाना कुल 3.70 लाख रुपये निकाल लिए गए। उसके खाते में मात्र 13 रुपये बचे।
अतर्रा थाने में तहरीर के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को तालिब अली ने डीआईजी बीमार मीणा और एसपी पीयूष श्रीवास्तव से मिलकर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। डीआईजी और एसपी ने मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया।
इसके पूर्व अतर्रा महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रवक्ता पीके सक्सेना के खाते से एटीएम के जरिए एक लाख रुपये निकाल लिए गए। थाने में रिपोर्ट हुई, पर कोई खुलासा नहीं हुआ। इसी के कुछ दिन बाद महाविद्यालय के रिटायर्ड प्रवक्ता डीएस श्रीवास्तव और जीजीआईसी अतर्रा में प्रवक्ता उनकी पत्नी रागिनी श्रीवास्तव के खातों से 50-50 हजार रुपये एटीएम कार्ड के जरिए निकाल लिए गए।
ताजी घटना में अतर्रा के बांदा रोड निवासी अशोक कुमार शुक्ला के एटीएम कार्ड से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। अशोक एटीएम में पैसा निकालने गया था। तभी वहां मौजूद युवक ने मदद के बहाने कार्ड बदल दिया और बाद में चार बार 10-10 हजार रुपये निकाल लिए। फोन में मैसेज आने पर इसका खुलासा हुआ।