बांदा/बेंदा। पैदावार कम होने पर बुंदेलखंड के किसान ने जान दे दी। बांदा सदर तहसील के पचनेही गांव निवासी शिवमोहन उर्फ छोटकू (28) पुत्र ब्रजेंद्र सिंह शुक्रवार को शाम गेहूं की फसल काटने खेत में गया था। गेहूं का दाना कमजोर देख वह तनाव में आ गया। हंसिया फेंककर खेत की मेड़ पर लगे आंवले के पेड़ में साफी (अंगोछे) से फांसी लगा ली।
सुबह परिजनों ने शव टंगा देख पुलिस को सूचना दी। मृतक के भाई कल्लू ने बताया कि वह चार भाइयों में सबसे बड़ा था। तीन माह पूर्व पिता की भी सदमे से मौत हो गई थी। पिता के नाम बैंक का 60 हजार रुपये कर्ज भी था।
मात्र दो बीघा जमीन है। शिवमोहन ने यह जमीन डेढ़ लाख रुपये कर्ज लेकर रेहन रख दी थी और बटाई पर लेकर गेहूं की फसल बोई थी। लगभग दो लाख रुपये से अधिक का कर्ज हो गया। मृतक के दो भाई परदेस में मजदूरी करते हैं। लेखपाल ने गांव पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।