बांदा। साइबर क्राइम की एक बड़ी घटना में भारतीय स्टेट बैंक की यहां स्थित मुख्य शाखा से खाताधारक के 92,841 रुपये पार कर दिए गए। हैरत की बात यह है कि साइबर अपराधियों ने एटीएम के जरिए एक ही दिन में पांच बार और लगातार दूसरे दिन दो बार में यह भारी भरकम राशि निकाली। बैंक प्रबंधक ने कुछ भी कर पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उधर, खाताधारक की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने इस अपराध की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
शहर कोतवाली के जरैलीकोठी में रह रहे (मूल निवासी चहितारा गांव) कृष्णदत्त पांडेय पुत्र भागवतदीन ने एसपी को दी अर्जी में बताया कि उसका खाता बांदा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में है। 20 जून को वह अपने खाते की पासबुक में इंट्री कराने गया तो पता चला कि उसके खाते से लगभग सारा पैसा निकाल लिया गया है। सिर्फ 270 रुपये बचे हैं। कृष्णदत्त ने बताया कि स्टेट बैंक में शिकायत पर वहां के प्रबंधक ने कंप्यूटर से खाते का ब्योरा निकाल कर दिया है। इसके मुताबिक 10 जून को पांच बार में अलग-अलग 11,000, 30,000, 19,795, 10,000 और 4000 रुपये निकाले गए हैं। इसी तरह अगले दिन 11 जून को दो बार में क्रमश: 17 हजार व एक हजार रुपये निकाले गए हैं। पैसा निकाले जाने का कोई मैसेज खाताधारक के मोबाइल में नहीं आया।
खाताधारक ने बताया कि एटीएम प्राप्त करने के बाद उसने कभी भी इसका इस्तेमाल नहीं किया। यह भी बताया कि 10 जून को उसके फोन पर एक काल आई थी जिसमें कहा गया था कि उसका एटीएम बंद हो गया है। पुन: चालू कराना है तो खाते में 5000 रुपये जमा करें। यह काल फोन नंबर- 7545095534 से आई थी। उसके बाद से यह फोन बंद चल रहा है। खाताधारक ने बताया कि स्टेट बैंक के सहायक प्रबंधक ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि एटीएम से निकाली रकम में वह कुछ नहीं कर सकते। उधर, बृहस्पतिवार को खाताधारक ने तहरीर पर पुलिस अधीक्षक डॉ.श्रीपति मिश्र ने क्राइम ब्रांच और शहर कोतवाली पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।