बांदा। मनरेगा कार्यों में साढ़े 6 लाख रुपये का फर्जीबाड़ा उजागर होने पर दो पंचायत सचिवों और दो तकनीकी सहायकों से रिकवरी करने के आदेश उपायुक्त मनरेगा ने खंड विकास अधिकारियों को दिए हैं।
बबेरू विकास खंड के ग्राम पंचायत मर्का में मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 20 लाख रुपये बंधी निर्माण, तालाब खुदाई के लिए जारी किए गए थे। लेकिन काम कराए बिना ही पैसा निकाल लिए गए। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी व सिंचाई विभाग के दो अवर अभियंताओं से जांच कराई। इसमें 6 लाख 31 हजार 331 रुपये का गबन पाया गया।
उपायुक्त आरके मिश्रा ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी भवानी सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी अर्जुन सिंह और तकनीकी सहायक शारदा प्रसाद व विजय पाल से रिकवरी किए जाने के निर्देश दिए हैं। रिकवरी वेतन से की जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी भवानी सिंह व तकनीकी सहायक विजय पाल मौजूदा में कमासिन ब्लाक और ग्राम पंचायत अधिकारी अर्जुन सिंह व तकनीकी सहायक शारदा प्रसाद तिंदवारी ब्लाक में तैनात हैं।