बांदा। मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के बाद मंडल कारागार में बंदियों से मिलाई में सख्ती बरती जा रही है। मुन्ना की हत्या में जेल में बंद बसपा विधायक मुख्तार अंसारी का भी नाम आ रहा है। इस कारण उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई हैै। कैदियों और बंदियों से मुलाकात के लिए आने वालों के सामानों की सघन तलाशी और जांच पड़ताल हो रही है। मुख्य गेट के बाद अंदर भी छानबीन हो रही है। सीसी कैमरों में यह सब कुछ रिकार्ड किया जा रहा है।
कुछ दिन पूर्व पूर्वांचल के कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुन्ना बजरंगी पहले बांदा मंडल कारागार में बंद बसपा विधायक मुख्तार अंसारी का खास माना जाता था, लेकिन कुछ साल से दोनों के रिश्तों में खटास बताई जा रही थी।
यही कारण है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या में विधायक मुख्तार का भी नाम आ रहा है। बताया जा रहा है कि आगरा जेल में रहने के दौरान विधायक मुख्तार अंसारी और पूर्व सांसद धनंजय सिंह से मिले थे। मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने पूर्व सांसद धनंजय पर मुन्ना बजरंगी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
जेलर विवेकशील त्रिपाठी ने बताया कि विधायक मुख्तार अंसारी की बैरक में मात्र तीन अन्य मामूली बंदी रखे गए हैं। डकैत और खूंखार बंदियों को इस बैरक से दूर की बैरकों में रखा गया है।
मुख्तार अंसारी की बैरक पर शिफ्टवार बंदी रक्षक लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनसे मिलने आने वालों पर भी प्रशासन, पुलिस और खुफिया विभाग की नजरें हैं। यह भी बताया कि बागपत की घटना के बाद मुख्तार अंसारी से मुलाकातियों की संख्या लगभग न के बराबर रह गई है। सिर्फ उनके परिजन ही मिल रहे हैं।
बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी पिछले वर्ष 27 मार्च को बांदा जेल लाए गए थे। इसके पूर्व वह लखनऊ जेल में थे। अंसारी पर मऊ, बनारस, गाजीपुर आदि जिलों में आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक केस बताए गए हैं। बांदा जेल में निरुद्ध रहने के दौरान वह कई बार अदालत की अनुमति से विधानसभा सत्र में भाग लेने लखनऊ जा चुके हैं।