बांदा। नवाब टैंक परिसर स्थित राजकीय नलकूप खंड के वर्कशाप/स्टोर में 18 जनवरी की रात दो चौकीदारों को बंधक बनाकर कथित रूप से हुई लगभग 20 लाख रुपये के सरकारी सामान की चोरी व लूट मामले की गुत्थी तीसरे दिन भी नहीं सुलझी।
विभागीय अधिकारी और कर्मचारी पुलिस को चोरी गए माल का ब्योरा और अभिलेख तथा स्टाक रजिस्टर आदि नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस इसे पूरी तरह घोटाले और घपले पर पर्दा डालने की कोशिश के रूप में देख रही है। इसी शंका के मद्देनजर रविवार को कोतवाली पुलिस ने वर्कशाप में ताला डाल दिया। उधर, अब इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक भी कर रहे हैं।
अवर अभियंता मूलचंद्र यादव और बीएन तिवारी ने संयुक्त हस्ताक्षरों से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि बाउंड्री फांदकर अंदर आए बदमाशों ने ताले तोड़े और दो चौकीदार दीपक और श्रीपाल को बांधकर उनकी आंखों में पट्टी बांध दी। भारी मात्रा में पीवीसी, कॉपर वायर, बुश, इंपेलर व अन्य उपकरण ले गए।
अभियंताओं ने पुलिस को मौखिक रूप से बताया कि चोरी गए माल की कीमत लगभग 40 लाख रुपये है। पुलिस के बार-बार मांगने के बाद भी स्टॉक रजिस्टर तीसरे दिन भी नहीं उपलब्ध कराए। कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह घपले और घोटाले का मामला प्रतीत हो रहा है। अभिलेख और स्टॉक रजिस्टर न मिलने तक वर्कशाप में ताला डाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल द्वारा भी की जा रही है।