अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। ददुआ, ठोकिया जैसे दुर्दांत दस्युओं के गिरोह सदस्य और इनामी डकैतों सहित एसटीएफ सामूहिक हत्याकांड के अभियुक्तों से बांदा जेल खाली हो गई। ये लगभग एक दशक से यहां बंद थे। अब चित्रकूट की नवनिर्मित जेल इनका ठिकाना हो गई है। रक्षाबंधन पर्व के दिन रविवार को इन डकैतों समेत मंडल कारागार से 158 कैदियों/बंदियों का जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में चित्रकूट जेल भेज दिया गया। इन्हें मिलाकर अब तक 238 बंदी भेजे जा चुके हैं। कुल 650 को शिफ्ट किया जाना है। शेष 412 भी जल्द ही रवाना किए जाएंगे।
बांदा जेल में 1350 बंदी हैं। ये क्षमता से ढाई गुना ज्यादा हैं। जेल की क्षमता मात्र 567 बंदियों की है। वर्ष 2009 में सरेंडर करने वाले दस्यु ददुआ के दाहिने हाथ रहे राधे पटेल सहित गिरोह के सदस्य तहसीलदार, रोहिणी, भुंडा, गोटर, किशोरीलाल आदि यहीं जेल में थे। वर्ष 2013 में बघोलन में छह एसटीएफ जवानों की सामूहिक हत्या के आरोपी ठोकिया गिरोह के 22 डकैत भी इसी जेल में थे। हाल ही में मुंबई की डी-कंपनी के सुक्का पाचा समेत पांच बदमाश भी गन लूट कांड में इसी जेल में आ गए हैं। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी भी यहीं हैं। ऐसे में बांदा जेल बेहद संवेदनशील श्रेणी में आ गई थी। यहां आधे से ज्यादा बंदी चित्रकूट जिले के थे। अब चित्रकूट में जेल बनकर चालू हो जाने के बाद वहां के 650 बंदियों को यहां से जत्थों में भेजा जा रहा है।
रविवार को पीएसी व पुलिस के नौ ट्रकों में 158 बंदी चित्रकूट जेल ले जाए गए। उनके साथ दो कंपनी पीएसी, एक दर्जन एसआई, 60 सशस्त्र कांस्टेबिल भी भेजे गए। सुबह आठ बजे इन्हें रवाना किया गया। डिप्टी जेलर तारकेश्वर सिंह ने बताया कि पिछले दो दिन इन बंदियों को भेजने में देरी हुई। जेल सुधार समिति के निरीक्षण व पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी अस्थि कलश यात्रा की वजह से फोर्स नहीं मिल पाया था। अब तक 238 बंदी भेजे जा चुके हैं। शेष 412 बंदियों को भी जल्द ही भेजा जाएगा।
रक्षाबंधन के ऐन मौके पर अचानक चित्रकूट भेज दिए गए चार दर्जन से ज्यादा बंदियों की कलाई राखी से सूनी रह गई। उन्हें राखी बांधने आईं बहनें बांदा जेल से बैरंग और निराश लौट गईं। उनमें रोष भी नजर आया। जेल प्रशासन को आड़े हाथों लिया। फतेहगंज से आई रानी ने बताया कि उसने मिलाई के लिए पर्ची भी बनवा ली थी लेकिन दोपहर 12 बजे बताया गया कि उसके भाई को चित्रकूट भेज दिया गया है। वह दूर गांव से सफर करके यहां आई थी।
-एसटीएफ सामूहिक हत्याकांड के आरोपी भी गए
-158 बंदियों का जत्था और चित्रकूट जेल भेजा
-अब तक 238 बंदी हुए चित्रकूट जेल में शिफ्ट