बांदा। तमंचे से फायर कर युवक को लहूलुहान कर देने के मामले में एससी/एसटी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश ने एक अभियुक्त को 10 साल की कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और दो आरोपियों को 7-7 साल के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी जेल में है। दो आरोपी जमानत पर थे। उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
पैलानी थाना क्षेत्र के सांड़ी गांव के मजरा करिंदा डेरा निवासी भूरी देवी निषाद पत्नी श्रीकृष्ण ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 7 फरवरी 2013 को शाम उसका पुत्र राकेश अपनी बाइक पर गांव से बस स्टैंड तिराहे पर चाय पीने गया था। इसी दौरान आरोपी मलखान पुत्र रामऔतार, कमल पुत्र गंगाचरण निवासी अलोना (पैलानी) और कमल सिंह पुत्र ब्रजभूषण निवासी खरेई (पैलानी) से उसका विवाद हो गया।
मलखान ने तमंचे से फायर झोंक दिया। राकेश लहुलूहान होकर गिर पड़ा। तीनों आरोपी बाइक छोड़कर फरार हो गए। राकेश निषाद को पीएचसी से गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एफआईआर के बाद पुलिस ने तफ्तीश की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने अदालत में आठ गवाह पेश किए।
शनिवार को एससी/एसटी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश साकेत बिहारी दीपक ने आरोपी मलखान को धारा 307 में 10 साल का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। आरोपी कमल व बाबू उर्फ कमल सिंह को 7-7 साल की कठोर कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
गोली मारने वाले को 10 साल की कैद
दो अन्य आरोपियों को 7-7 वर्ष की जेल व जुर्माना
जमानत पर चल रहे दोनों अभियुक्त भेजे गए जेल
अमर उजाला ब्यूरो