अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने खंड विकास अधिकारी महुआ के माध्यम से मलेहरा निवादा ग्राम प्रधान को मंगलवार को नोटिस जारी की है। कहा कि मनरेगा उपायुक्त विकास मिश्र की जांच में कब्रिस्तान के पास पुलिया निर्माण और रामकिशोर प्रजापति के घर से पूरन यादव के घर तक नाला निर्माण में 3.29 लाख रुपये का दुरुपयोग पाया गया है।
पुलिया में 2.54 हजार और नाला में 1.93 हजार रुपये का अपव्यय हुआ है। प्रधान ने मनरेगा अधिनियम के खिलाफ काम किया है। डीएम ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा है। संतोष जनक उत्तर न मिलने पर पंचायत राज अधिनियम के तहत वित्तीय व प्रशासनिक शक्तियां प्रतिबंधित कर देने की चेतावनी दी है। उधर, डीपीआरओ केके सिंह चौहान ने इसी मामले में तत्कालीन सचिव रामकुमार वर्मा को कारण बताओ नोटिस भेजी है। पखवारे भर में संतोषजनक व स्पष्ट जवाब न देने पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, बिसंडा बीडीओ ब्रजकिशोर कुशवाहा ने जरोहरा गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी अंकित अवस्थी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। कहा कि पीएम आवास की लाभार्थी गोमती पत्नी ईश्वरी प्रसाद ने अवगत कराया है कि पहली किश्त के पैसे से आवास बनवा लिया है। लेकिन दूसरी किश्त दिलाने में प्रधान व सचिव कमीशन में 15 हजार रुपये मांग रहे हैं। न देने पर डिमांड नहीं भेजी। लाभार्थी की दूसरी किश्त भेजने के निर्देश पर भी अमल नहीं किया। दो दिन के अंदर जिओ टैगिंग सहित मांग पत्र न देने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
-3.29 लाख रुपये के दुरुपयोग का आरोप
-पीएम आवास मामले में एक अन्य सचिव को चेतावनी