बांदा। कालेज से निकाले गए शिक्षक की प्राइवेट डाक्टर के क्लीनिक में इलाज के दौरान मौत हो जाने पर कालेज प्रबंध समिति अध्यक्ष, प्रबंधक, प्रधानाचार्य और इलाज करने वाले प्राइवेट डाक्टर के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या और लूट की रिपोर्ट दर्ज हो गई है। कोर्ट के आदेश पर यह मामला दर्ज हुआ है।
लवकुश बालिका इंटर कालेज, बबेरू प्रवक्ता संगीता कुशवाहा (इटरा खुर्द, अतर्रा) ने धारा 156(3) के तहत विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) के यहां दी अर्जी में कहा था कि उसके पति सुरेश सिंह कुशवाहा कैलाशपति इंटर कालेज, बेर्रांव में वित्तविहीन प्रवक्ता (नागरिक शास्त्र) थे। 2015 में उन्हें कालेज अध्यक्ष श्रवण कुमार व प्रबंधक राममूरत ने गलत तरीके से उन्हें निकाल दिया।
हाईकोर्ट ने पुनर्विचार के आदेश दिए। लेकिन उक्त लोग उन्हें नौकरी पर रखने को तैयार नहीं हुए। उनके जीवन को खत्म करने की फिराक में थे। यह भी कहा कि 21 जुलाई 2017 को 9000 रुपये लेकर उसके पति कालेज गए थे। वहां उनकी तबियत बिगड़ गई। स्कूल अध्यक्ष और प्रबंधक तथा प्रधानाचार्य बोलेरो में बैठा कर उन्हें बबेरू में अपने मित्र डॉ. उमादत्त कुशवाहा के पास ले गए।
डा.उमादत्त ने सुरेश सिंह की जेब में पड़े 9000 रुपये निकाल लिए। आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य, प्रबंधक और अध्यक्ष ने मिलकर डा.उमादत्त से ऐसा इंजेक्शन लगवा दिया कि उसके पति सुरेश सिंह की तुरंत वहीं पर मौत हो गई। चारों के प्रभाव के चलते कोतवाली में रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) ने संगीता सिंह की अर्जी पर सुनवाई के बाद बबेरू कोतवाली प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर मंगलवार (29 अगस्त) को बबेरू कोतवाली में स्कूल अध्यक्ष श्रवण कुमार, प्रधानाचार्य कृष्णावतार, प्रबंधक राममूरत और प्राइवेट डाक्टर उमादत्त के विरुद्ध धारा 392 व 304 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की है। विवेचना बबेरू कोतवाली के सब इंस्पेक्टर चंद्रपाल सिंह करेंगे।
-कैलाशपति इंटर कालेज, बेर्रांव का मामला
-निकाले गए शिक्षक की साजिशन हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो